डीसी राजोरी प्रधान मंत्री आवास योजनाओं क्के तहत बैठक कर समीक्षा करते हुए
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राजोेरी। नार्को समन्वय समिति की बैठक में यहां राजोेरी जिले में नशा मुक्ति के लिए विभिन्न स्तरों पर किए गए उपायों पर जिलाधिकारी विकास कुंडल की अध्यक्षता में हुई बैठक में चर्चा हुई। डीसी ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग और पुनर्वास और नशीली दवाओं के उपयोगकर्ताओं के उपचार के अपराधियों के खिलाफ काम करने के अपने क्षेत्र में हितधारक विभागों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत समीक्षा की।
प्रारंभ में जिला समाज कल्याण अधिकारी राजोेरी ने बताया कि लक्षित समूह को नशीली दवाओं के हानिकारक प्रभावों के बारे में शिक्षित करने और युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में ले जाने के लिए एक व्यापक गतिविधि योजना तैयार की गई है. उन्होंने कहा कि जागरूकता और सूचनात्मक गतिविधियों के आयोजन को नियमित फीचर बना दिया गया है। हाल ही में संपन्न हुए बैक टू द विलेज चरण-4 कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के दौरान शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता रैलियों, संगोष्ठियों, कला प्रतियोगिताओं और विशेष शपथ ग्रहण समारोह जैसी गतिविधियों की एक श्रृंखला का आयोजन किया गया था। उन्मूलन के उपायों पर चर्चा करते हुए, डीएम ने विभागों से नशे की पहचान करने, उनके पुनर्वास और परामर्श के लिए एक बहु-आयामी रणनीति तैयार करने और इस खतरे से लड़ने के लिए निरंतर जागरूकता अभियान शुरू करने का आग्रह किया। उन्होंने अपराधियों और नशीली दवाओं के तस्करों की पहचान और उनको धर दबोचने के महत्व पर भी जोर दिया।
जिले में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत संगोष्ठियों, शपथ ग्रहण समारोहों, क्षमता निर्माण कार्यक्रमों, खेल गतिविधियों के आयोजन और अन्य गतिविधियों के माध्यम से जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है ताकि लक्षित समूह को इसके हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूक किया जा सके। डीएम ने जिला युवा एवं खेल अधिकारी को नशा मुक्त भारत के तहत वॉलीबाल टूर्नामेंट आयोजित करने के भी निर्देश दिए। समिति के सदस्यों को नशीली दवाओं के दुरुपयोग से निपटने और विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए अपने प्रयासों को दोगुना करने के लिए कहा गया था।
जिलाधिकारी ने नशामुक्ति केंद्र के कामकाज की भी समीक्षा की और एक समिति को इसके कामकाज को देखने और इसके कुशल संचालन को सुनिश्चित करने का आदेश दिया। समिति के संयोजक एसएसपी मोहम्मद असलम ने संबंधित विभागों द्वारा जिले में की जा रही गतिविधियों का ताजा विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी पर कड़ी निगरानी रखने के लिए जिला पुलिस ने सतर्कता बढ़ा दी है और निगरानी तंत्र को मजबूत किया है। उन्होंने आगे उन्हें बताया कि इस खतरे को रोकने के लिए सभी हितधारकों के सहयोग की आवश्यकता है।