राजोरी। सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल को समय से पहले ही बंद कर घर जाने वाले स्टाफ के निलंबन और तबादले की सिफारिश की गई है। राजोरी के गंभीर मुगलां हायर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल समेत अन्य स्टाफ का वेतन भी रोक दिया गया है। इस मामले में शिकायत मिलने पर जांच समिति गठित की गई थी। जांच रिपोर्ट आने पर चीफ एजूकेशन अफसर (सीईओ) ने दो कर्मचारियों को छोड़कर प्रिंसिपल और वरिष्ठ लेक्चरर सहित पूरे स्टाफ के वेतन पर रोक लगा दी है। कुछ को निलंबित करने और अन्य को दूसरे स्कूल स्थानांतरित करने के लिए शिक्षा विभाग के निदेशक को पत्र लिखा है।
सीईओ गुलजार हुसैन ने निदेशक को जांच रिपोर्ट सौंप दी है। इसमें स्कूल के प्रिंसिपल सहित अन्य स्टाफ के खिलाफ नियमों के तहत उचित कार्रवाई के लिए सिफारिश की गई है। सीईओ ने स्कूल के प्रिंसिपल राजिंदर सिंह को निलंबित करने और तत्काल उन्हें ट्रांसफर करने की सिफारिश की है। सीईओ के अनुसार प्रिंसिपल (13/3/2020) से गैर हाजिर हैं। वहीं मोहम्मद असलम मन्हास सीनियर लेक्चरर सोशियोलॉजी और मोहम्मद फारूक लेक्चरर फिजिक्स को निलंबित करने और दोनों को खवास शिक्षा जोन में स्थानांतरित करने की सिफारिश की है। जांच रिपोर्ट के अनुसार उक्त दोनों सीनियर लेक्चरर स्कूल की बदतर स्थिति के लिए जिम्मेदार हैं। सीईओ ने निदेशक द्वारा जारी आदेश का अनुपालन न करने पर स्कूल के मास्टर मोहम्मद आजम को भी निलंबित करने की सिफारिश की है। इसके अलावा स्कूल के एक अन्य शिक्षक मोहम्मद इफ्तिखार को स्थानांतरित करने के लिए भी सिफारिश की है।
दोपहर एक बजे बंद किया स्कूल, रिकॉर्ड से भी छेड़छाड़
उल्लेखनीय है कि 31 अक्तूबर को उपायुक्त मोहम्मद नजीर शेख ने सीईओ को लोगों की शिकायत पर एक संदेश दिया था कि गंभीर मुगलां स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल दोपहर 1 बजे बंद पाया गया है। सीईओ ने एक जांच कमेटी गठित कर जांच शुरू की। समिति की रिपोर्ट में कहा गया कि स्कूल दोपहर 1 बजे (स्थानीय लोगों के अनुसार) बंद था। प्रिंसिपल 13 मार्च के बाद से स्कूल में उपस्थित नहीं हुए हैं। प्रिंसिपल के ठिकाने के बारे में आधिकारिक रिकॉर्ड में कोई विवरण नहीं मिला है।
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि समय की पाबंदी रिपोर्ट के अनुसार 1 नवंबर को स्कूल के उस दिन के इंचार्ज सईद मुगल ने रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ की थी। इसके अलावा कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार मोहम्मद फारूक मिर्जा और मोहम्मद अशरफ दोनों लेक्चरर 31 अक्तूबर को स्कूल में उपस्थित थे, जबकि मोहम्मद असलम मन्हास को ड्यूटी पर दिखाया गया, लेकिन रिकॉर्ड में कोई उल्लेख नहीं मिला। 31 अक्तूबर को मोहम्मद असलम, मुंशी खान, मुजफ्फर हुसैन, मोहम्मद असलम, जावेद इकबाल, मोहम्मद अशरफ और राजेश कुमार को कैजुअल लीव पर दिखाया गया, लेकिन इन्क्वारी कमेटी को उनकी कोई एप्लीकेशन स्कूल में नहीं मिली।