राजोरी। मंजाकोट पंचायत से नर्सिंग पीजी की छात्रा 22 वर्षीय समरीन खान सरपंच बनी हैं। समरीन ने बताया कि नियंत्रण रेखा से सटे इलाके का निवासी होना कितना कठिन होता है, यह सिर्फ वहां रहने वाले ही जानते हैं। आए दिन पाकिस्तानी सेना की गोलाबारी का डर उन्हें सताता रहता है। गोलाबारी का सबसे बुरा असर युवतियों पर पड़ता है। समरीन ने कहा कि वे सरपंच बन कर महिलाओं के सशक्तिकरण और अपनी पंचायत के विकास के लिए काम करेंगी। उन्होंने कहा कि पीजी नर्सिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें आराम से स्टाफ नर्स की सरकारी नौकरी मिल सकती थी, लेकिन वे अपने क्षेत्र का विकास चाहती हैं। इसीलिए सरपंच का चुनाव लड़ा। घरेलू हिंसा रोकना, स्कूल-कॉलेज जाने वाली छात्राओं के साथ छेड़छाड़ पर अंकुश लगाना, गरीब व पिछड़े परिवारों की बेटियों को स्कूल-कॉलेज की पढ़ाई में मदद करना उनकी प्राथमिकता रहेगी। ब्यूरो