पुंछ नगर के गीता भवन में जरूरतमंदों के लिए लगाए लंगर में योगदान देती महिलाए एवं बच्चे
- फोटो : AMAR UJALA
पुंछ। दुनिया के साथ ही देश भर में तेजी से फैल रही कोरोणा वायरस जैसी महामारी को रोकने के लिए सरकार एवं प्रशासन की तरफ से किए गए लाक डाउन के चलते क्या बड़ी संख्या में लोग जरूरतमंदों की सहायता को आगे आ रहे हैं। वही पुंछ में महिलाएं और बच्चे भी जरूरतमंदों की सहायता में किसी तरह से पीछे नहीं हैं। जिसका नजारा नगर के गीता भवन में सनातनी युवाओं की तरफ से जरूरतमंदों के लिए पिछले सात दिनों चलाए जा रहे लंगर में देखने को मिलता है जहां पर अपनी जान की परवाह किए बिना बड़ी संख्या में गीता भवन के आसपास में रहने वाली महिलाएं और बच्चे सुबह से देर शाम तक गीता भवन में बनाए जाने वाले लंगर में अपना योगदान देने के लिए पहुंचते हैं जहां पर वह चपाती बनाने से लेकर बर्तन मांजने सहित कई प्रकार के काम कर जरूरतमंदों के लिए बनने वाले इस लंगर में अपना योगदान देते हैं लंगर में योगदान देने वाली महिलाएं अपने घर का काम निपटा कर जल्दी ही यहां पहुंच जाती हैं और जरूरतमंदों के लिए अपना कार्य करती हैं इन महिलाओं का यह कहना है कि इस संकट की घड़ी में अगर हम भी अपनी जान की परवाह कर घरों के अंदर ही बंद हो जाएंगी तो इन युवाओं का साथ कौन देगा जो जरूरतमंद लोगों के लिए लंगर चला रहे हैं। जरूरतमंदों को सही प्रकार से भोजन कैसे उपलब्ध हो सकेगा। इसी सोच को लेकर हम लोग यहां पर अपना योगदान देने के लिए आती हैं ।अपने आप और बच्चों को कोरोना से बचाने के लिए वो सभी प्रकार के उपाय जो चिकित्सकों द्वारा बताए जाते हैं वह भी अपनाती हैं।एक दूसरे से दूर बैठकर ही अपने कार्य को अंजाम देती हैं इलाकों के साथ योगदान देने के लिए आने वाले बच्चों को देखकर यही लगता है कि आज देश के इस संकट की घड़ी में पूरा समाज एकजुट होकर अपने उन लोगों के लिए जो लोग बाहरी राज्यों से यहां काम के लिए आए थे और लाक डाउन के कारण यहां फंस कर रह गए वहीं इस लंगर में प्रतिदिन भोजन ग्रहण करने वाले करीब साढे तीन चार सौ लोगों का यह कहना है कि उन्हें उन्हें लोगों का काफी सहयोग मिल रहा है और लोग उनकी और प्रकार की सहायता करने के साथ ही उनका काफी ख्याल भी रख रहे हैं।
पुंछ नगर के गीता भवन में जरूरतमंदों के लिए लगाए लंगर में योगदान देती महिलाए एवं बच्चे
- फोटो : AMAR UJALA
पुंछ नगर के गीता भवन में जरूरतमंदों के लिए लगाए लंगर में योगदान देती महिलाए एवं बच्चे