पुंछ। पिछले 20 साल हमने अमन चैन से काटे थे लेकिन रात की गोलीबारी ने हमारा चैन छीन लिया है। हमें अब फिर डर सताने लगा है कि कहीं पहले जैसे हालत न बन जाएं।
यह कहना है लसाना के ग्रामीण युसुफ शाह का, जिनके मकान से 100 मीटर की दूरी पर सोमवार देर रात को आतंकियों से सेना की एम्बुश पार्टी पर गोलीबारी की थी। युसुफ शाह का कहना है कि कल देर रात को जब वे अपने घर में सो रहे थे तो अचानक एक जोरदार धमाका हुआ। पहले तो उन्हें लगा कि किसी गाड़ी का टायर फटा होगा। जैसे ही वह दरवाजा खोल कर मकान से बाहर निकले तो अंधेरे में गोलियां चलने की आवाजें आने लगीं। वह डर कर मकान के अंदर चले गए और दरवाजा बंद कर लिया। करीब 10 मिनट में 15 से 20 गोलियां चलने के बाद क्षेत्र में शांति बन गई लेकिन डर के मारे उनके अनाथ पोते पोतियां और बीवी रात भर जागती रहीं। इस दौरान देर रात को एसएचओ सुरनकोट ने पुलिस दल के साथ उनके घर की तलाशी भी ली और उन्हें बेखौफ रहने को भी कहा। युसुफ शाह ने कहा कि वे सुबह सवेरे सुरननदी से पीने के लिए पानी भर कर लाते थे। दिन रात खेतों में काम करते थे। किसी तरह की कोई परेशानी नहीं थी। साल 2004 के पहले यहां हालात बहुत खराब थे। बड़ी दहशतगर्दी थी। घर से बाहर निकलने पर लौटने की कोई उम्मीद नहीं होती थी। कल रात को हुई गोलीबारी ने मन में डर एवं खौफ पैदा कर दिया है कि गोलीबारी किसने की। माहौल खराब करने वालों का पता लगा कर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। नहीं तो पहले जैसे हालत बन गए तो हमारा जीना मुश्किल हो जाएगा।