श्री बूढ़ा अमरनाथ मंदिर में छड़ी दर्शन को जुटे हजारों श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसी
पुंछ। श्री बूढ़ा अमरनाथ मंदिर में तीन दिन पूर्व स्थापित भगवान शिव और देवी पार्वती का प्रतीक पवित्र चांदी की छड़ी के राजगुरु महामंडलेश्वर स्वामी विश्वात्मा नंद सरस्वती की अगुवाई में ढोल बाजे के साथ कड़ी सुरक्षा में श्री दशनामी अखाड़ा मंदिर पुंछ लौटी। इसी के साथ सावन माह की श्री बूढ़ा अमरनाथ यात्रा संपन्न हो गई।
इस अवसर पर श्री बूढ़ा अमर नाथ मंदिर में स्वंयभू शिवलिंग से पवित्र छड़ी को वैदिक मंत्रों के बीच उतार कर मंदिर के बाहर लाया गया। जहां जम्मू कश्मीर पुलिस की तरफ से पुलिस बैंड की धुन पर सलामी दी गई। जिसके उपरांत छड़ी के साथ रथ पर सवार होकर स्वामी विश्वात्मानंद सरस्वती महाराज एवं बड़ी संख्या में शिव भक्त पुंछ लिए निकले।
करीब दो घंटे बाद जब छड़ी दशनामी अखाड़ा मंदिर के बाहर पहुंची तो वहां बड़ी संख्या में लोगों, प्रशासनिक पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में पुलिस की तरफ से एक बार फिर सलामी दी गई। विधिवत पूजन के बाद पवित्र छड़ी को अगले वर्ष तक मंदिर में स्वामी शंकरानंद पुरी जी की कुटिया में स्थापित किया गया। जिसके साथ ही श्री बूढ़ा अमरनाथ यात्रा सम्पन्न हो गई।
इस अवसर पर स्वामी विश्वात्मानंद सरस्वती महाराज ने कहा सदियों से चली आ रही परंपरा के अनुसार श्रावण मास में विश्व भर के सभी शिव मंदिरों के साथ ही श्री बूढ़ा अमरनाथ मंदिर में भी भगवान शिव की विशेष पूजा अर्चना की जाती है जिस दौरान देश भर से हजारों यात्री श्री बूढ़ा अमरनाथ मंदिर में दर्शन पूजन को आते हैं। उसके साथ ही रक्षा बंधन से दो दिन पहले पुंछ के दशनामी अखाड़ा मंदिर से श्री बूढ़ा अमरनाथ के लिए छड़ी यात्रा निकाली जाती है। जो रक्षा बंधन के एक दिन उपरांत दोबारा श्री बूढ़ा अमरनाथ मंदिर से पुंछ के दशनामी अखाड़ा लाई जाती है। जिसके साथ ही श्री बूढ़ा अमरनाथ यात्रा सम्पन्न होती है।