मलबे में दबकर एक ही परिवार के सात लोग हमेशा के लिए बिछड़ गए।मरने वालों में मोहल्ला अरिगम, लोरन के 27 वर्षीय तनवीर अहमद पुत्र गुलाम मोहम्मद भट, 38 वर्षीय ज़ाहिदा बेगम पत्नी मोहम्मद रफ़ीक भट, 33 वर्षीय शमीम अख्तर पत्नी रियाज़ अहमद भट, 31 वर्षीय शबनम बानो पत्नी अब्दुल मजीद भट, 17 वर्षीय मोहम्मद इरफ़ान पुत्र अब्दुल सुभान डार, 6 वर्षीय मनन रफ़ीक और 4 वर्षीय अलीसा पुत्री मोहम्मद रफ़ीक भट शामिल हैं।
गर्मियां बिताने के लिए परिवार अपने माल-मवेशियों के साथ ढोक आया था। दोपहर का खाना शायद अभी बना ही था कि पहाड़ टूट पड़ा। चीख-पुकार भी मलबे में दबकर रह गई। इलाका इतना दुर्गम है कि हादसे की खबर देर शाम मंडी तहसील पहुंची।
जनाजे को देखते गांव के लोग
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तहसीलदार अशफाक अहमद और डीएसपी हेडक्वार्टर नीरज शर्मा पुलिस व एसओजी जवानों के साथ फौरन रवाना हुए। अंधेरे और फिसलन भरे रास्तों से होते हुए देर रात शव लोरन लाए गए। पोस्टमार्टम के बाद जब सात ताबूत एक साथ रवाना हुए तो पूरे गांव की आंखें भर आईं।पिछले दो दिनों की बारिश ने पुंछ में अब तक 23 जिंदगियां ले ली हैं। दोमेल का यह घर उन 23 में सबसे भारी जख्म छोड़ गया है।