पुंछ नगर के बाहर पुलस्त नदी के किनारे नगरपालिका द्घारा जमा किया गया कचरा
- फोटो : POONCH
पुंछ। कई वर्ष बीत जाने के बाद भी नगर पालिका की तरफ से नगर में हर दिन सफाई के बाद जमा होने वाले कचरे के निस्तारण की उचित व्यवस्था नहीं हो पाई है। इसके चलते प्रतिदिन नगर पालिका की तरफ से नगर से जमा किए जाने वाले कचरे को पुलस्त नदी किनारे डाला जाता है। इससे नदी का जल एवं आसपास का क्षेत्र प्रदूषित हो रहा है।
इसको लेकर नगर वासियों विशेष कर मोहल्ला शंकर नगर एवं आजाद मोेहल्ला में रहने वाले लोगों ने नगर पालिका के प्रति रोष व्यक्त किया है। इन लोगों का आरोप है कि सरकार की तरफ से कई वर्ष पहले कचरा प्रबंध संयंत्र लगाने और कचरा डंपिंग यार्ड बनाने के लिए पैसा मंजूर किया गया, जिसके बाद लाखों रुपये का कचरा प्रबंधन का सामान नगर में एक स्थान पर पर पड़ा सड़ रहा है। नगर पालिका और जिला प्रशासन की तरफ से डंपिंग यार्ड के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। उधर नगर पालिका के प्रधान सुनील कुमार शर्मा का कहना है कि पुंछ के कचरा प्रबंधन के संयंत्र लगाने का कार्य चल रहा है। पहले जमीन का विवाद था। तीन स्थानों पर जमीन मिलने के बाद भी वहां के लोगों के विरोध के कारण काम नहीं लगाया जा सका। अब हमें गांव कोसलियां में 54 कनाल के करीब भूमि मिल गई है, जिसकी चारदीवारी का काम चल रहा है। कचरा प्रबंधन के लिए बनाए जाने वाले प्लेटफार्म का डीपीआर बनाकर भेजी गई है। वैसे भी इस प्रकार के काम में समय लगता है। अगले एक डेढ़ वर्ष में कचरा प्रबंधन का काम पूरा हो जाएगा।
जहां तक पुलस्त नदी किनारे कचरा जमा करने की बात है तो हम नदी से कुछ दूरी पर बड़े-बड़े गड्ढे खोद कर उसमें कचरा जमा करते हैं। ताकि प्रदूषण न फैले। नगर पालिका प्रधान के इन दावों को केवल दिखावा बताते हुए लोकेश कुमार, अमित शर्मा, संजीव कुमार, अमनदीप सिंह आदि का कहना है कि पुलस्त नदी किनारे जमा किए जाने वाले कचरे एवं गंदगी से उठने वाली दुर्गंध कई सौ मीटर दूर तक फैलती है। इसके कारण बीमारियां फैलने का खतरा बना है।
पुलस्त नदी पुंछ के लोगों के लिए काफी पवित्र नदी है। इसमें लोग नहाने, धार्मिक आयोजनों नवरात्र में खेती प्रवाहित करने, श्रद्धा तर्पण करने, किसी की मृत्यु के उपरांत जहां सनातन धर्म के मानने वालों की अस्थियों को स्नान कराया जाता है, जबकि सिख समुदाय के लोगों द्वारा मृतकों की अस्थियां पुलस्त नदी में ही प्रवाहित की जाती है। ऐसे में नदी किनारे जमा कचरे से उठने वाली दुर्गंध लोगों के लिए परेशानियों का सबब बन रही है। इसलिए नगर पालिका को पुलस्त नदी किनारे चकरा डालने से रोका जाना चाहिए।