पुंछ के मेंढर में नाले में फंसी टाटा सूमा को जेसीबी निकाला गया।
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पुंछ। जिले में बीते 18 घंटों से जारी बारिश ने हर तरफ तबाही मचा दी है। इसमें कई मकानों, सड़कों, पशुशालाओं और खेत खलिहानों को नुकसान पहुंचा है। मंगलवार रात से जारी बारिश के चलते बुधवार सुबह सुरनकोट तहसील के मस्तानदारा क्षेत्र में बादल फटने से गांव की मुख्य सड़क बह गई। इसके कारण सड़क किनारे खड़े तीन वाहन भी बह कर कई सौ मीटर दूर जा पहुंचे और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
उधर मेंढर में बालाकोट केसंगयोट गांव में बारिश से पशुशाला गिर जाने से उसमें बंधी करीब एक दर्जन भैंसे दब गईं। जिन्हें लोगों ने कड़े प्रयास से बाहर निकाला। इसमें से करीब आधा दर्जन भैंसों की मलबे में दबने से मौत हो गई। मेंढर के गांव छतराल में एक टाटा सूमो नाले में अचानक आई बाढ़ में फंस गई। इस दौरान आसपास लोगों ने सहायता कर सूमो में सवार लोगों एवं चालक को बाहर निकाला, जिससे वह बाल-बाल बच गए। बाढ़ का पानी सूमो के छत से ऊपर से घंटों तक बहता रहा। बाद में पुलिस ने जेसीबी की सहायता से उसे बाहर निकाला।
उधर मंडी तहसील में मंडी सावजियां सड़क पर गांव खेत में पहाड़ का एक हिस्सा भूस्खलन से मार्ग पर गिर जाने से मंडी सावजियां के बीच सड़क संपर्क कट गया। पुंछ में पुलस्त नदी, बेतार नदी, दोरंगली नदी, मेढरी नदी और सुरन नदी सहित सभी नदी नाले उफान पर आ जाने से कई क्षेत्रों का अन्य क्षेत्रों से संपर्क बाधित होकर रह गया है। बारिश से जिले में सैकड़ों कनाल कृषि भूमि और उस पर खड़ी धान एवं मक्की की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। बारिश से नदी नालों का जलस्तर बढ़ने से जिला प्रशासन एवं पुलिस ने कई क्षेत्रों में रेड अलर्ट जारी करते लोगों के लिए नदी नालों के पास एवं निचले क्षेत्र में न जाने के निर्देश जारी किए हैं।