पुंछ। मंडी तहसील के गांव लोअल बेला के सैकड़ों लोगों को हर दिन जान जोखिम में डाल कर गांव को अन्य क्षेत्रों से जोड़ने वाले खस्ताहाल एवं जर्जर पुल से आवाजाही करनी पड़ती है। इसे लेकर क्षेत्र के लोगों की सरकार से मांग है कि उनके गांव के लिए पक्के पुल का निर्माण कराया जाए। वह भी गाड़ियों से अपने घरों तक पहुंच सकें।
करीब साढ़े पांच हजार की जनसंख्या वाले गांव पहाड़ी गांव लोअल बेला के लोगों को मंडी लोरन सड़क पर बराछड़ गांव में गाड़ियों से उतरकर नाले के ऊपर बने करीब साठ मीटर लंबे और सौ मीटर ऊंचे झूला पुल से होकर गांव तक जाना पड़ता है। इतने लंबे एवं ऊंचे पुल के दोनों तरफ केवल तारें बंधी हुई हैं। जो जगह-जगह से टूट चुकी हैं। ऐसे में किसी प्रकार बाण न लगे होने के कारण पुल से आने जाने वालों के गिरने का खतरा बना रहता है। इसके चलते महिलाओं और बच्चों को आरपार कराने के लिए गांव के पुरुषों को साथ आना पड़ता है।
गांव निवासियों मोहम्मद रमजान, आदिल अहमद, मोहम्मद बशीर आदि का कहना है कि हमारे गांव के लिए न तो पक्का पुल ही बनाया गया है और न ही सड़क का निर्माण ही कराया गया है। दशकों पहले बनाया गया झूला पुल भी खस्ता हाल में है। इससे हमें हर दिन जान जोखिम में डाल कर गांव से बाहर आना जाना पड़ता है। सरकार से मांग है कि इस झूले पुल के स्थान पर पक्का पुल बनाया जाए।