-गड्ढों में तब्दील सड़क से एक दशक से परेशान थे लोग, चारपाई पर अस्पताल पहुंचाना पड़ता था मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
पुंछ। नियंत्रण रेखा पर गांव बगयालदरा की खस्ताहाल सड़क आखिर एक दशक बाद बन गई है। यह सड़क गांव को जिला मुख्यालय से जोड़ेगी। बुधवार को रोड़ी और तारकोल डाल काम पूरा कर दिया गया। गड्ढों की वजह से एक घंटे में पूरा होने वाला सफर अब 15 से 20 मिनट में ही तय हो जाएगा।
गांववासी मोहम्मद सदीक, शबीर अहमद, नसीम अख्तर, बशीर अहदम ने कहा कि सड़क बनाने की मांग एक दशक पुरानी है। गड्ढों में तब्दील सड़क के चलते लोगों का पुंछ शहर जाना मुश्किल था। गांव से 10 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय तक पहुंचने में एक घंटे का समय लग जाता था। सड़क की हालत इतनी खस्ता थी कि मरीज को गाड़ी के बजाये चारपाई पर उठाकर अस्पताल पहुंचाना पड़ता था। टूटी सड़क बनवाने को लेकर कई बार मांग उठाई गई, लेकिन किसी नेता या अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया। करीब डेढ़ साल पहले यहां उपराज्यपाल आए तो सड़क बनवाने की मांग रखी थी। इसके बाद अब पुंछ से माल्टी गेट तक सीमा सड़क संगठन ने तारकोल डाला। माल्टी गेट से आगे प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना विभाग ने काम पूरा किया है। एक दशक बाद गांव की मांग पूरी हुई है। अब गांव से पुंछ नगर तक 15 से 20 मिनट में पहुंचेंगे। जबकि, पहले एक घंटा लग जाता था। गड्ढों के वजह से हादसे का भी डर रहता था, जिससे अब राहत मिलेगी।