मई से अभियान किया गया तेज
बीते माह भी सुरक्षाबलों ने जिले के सावजियां, गगड़ियां और उढीपुरा में तीन आतंकी मददगारों के घरों की तलाशी ली थी। इसमें तीन मोबाइल फोन और कुछ दस्तावेज जब्त किए गए थे।-11 मई को अनंतनाग, पुलवामा, कुलगाम और शोपियां समेत 20 स्थानों पर छापे मारे गए थे। इस कार्रवाई में लश्कर-ए ताइबा और जैश-ए मोहम्मद के कमांडरों के इशारे पर काम कर रहे लोगों के घर खंगाले गए थे। कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी।
24 मई को राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) ने भी सावजियां क्षेत्र में नारको टेरर के मामले में दो घरों में दबिश दी थी। इस कार्रवाई में जम्मू संभाग में आतंकियों और उनके मददगारों के 18 ठिकानों को खंगाला गया था। एसआईए ने कई डिवाइस और दस्तावेज जब्त किए थे।- 17 मई को एसआईए ने मध्य और उत्तरी कश्मीर में स्लीपर सेल माॅड्यूल से जुड़े 11 ठिकानों पर छापे मारे थे। कई संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था।
आतंकवाद को जिंदा रखने के लिए नारको आतंकवाद का सहारा
सूत्रों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को जिंदा रखने के लिए पाकिस्तान नारको आतंकवाद का सहारा ले रहा है। सीमा पार से आतंकी घुसपैठ कराने के साथ नशीले पदार्थ भेजे जा रहे हैं। नशे से अर्जित पैसे का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों में किया जा रहा है। इस मामले में सुरक्षा एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं।