पुंछ। नियंत्रण रेखा के उस पार से आतंकियों को इस तरफ घुसपैठ कराने में नाकाम हो रही पाकिस्तानी सेना, आतंकी संगठनों और आईएसआई ने अब आतंकवाद को जारी रखने के लिए नियंत्रण रेखा पर हथियार और नशीली वस्तुओं को गिराने का रास्ता अपनाया है। ताकि कश्मीर में मौजूद आतंकियों को हथियारों और पैसे का सहयोग प्रदान करने का अभियान जारी रखा जाए। दूसरी तरफ जिले में सतर्क सुरक्षा बलों द्वारा पाकिस्तानी सेना, आतंकी संगठनों और आईएसआई के मनसूबों को नाकाम बनाया जा रहा है।
पिछले कुछ माह में सुरक्षा बलों ने नियंत्रण रेखा के पास से उस पार से भेजी गई नशीली वस्तुओं और हथियारों की कई बड़ी खेप पकड़ी है। इससे यह बात साबित होती है कि किस प्रकार अब पाकिस्तानी सेना, आतंकी संगठनों और आईएसआई ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को बचाने के लिए यह नया प्रयास शुरू किया है। क्योंकि एक तरफ जहां नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सेना की तरफ से करीब-करीब हर दिन गोलाबारी करते हुए आतंकियों को घुसपैठ कराने के प्रयास नाकाम हो रहे हैं। वहीं कश्मीर घाटी में सुरक्षा बलों द्वारा लगातार पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद की कमर को तोड़ते हुए बड़ी संख्या में आतंकियों का सफाया करते हुए भारी मात्रा में हथियार और गोलाबारूद बरामद किया जा रहा है। इससे घाटी में मौजूद आतंकियों के पास पैसे और हथियारों की भारी कमी होने लगी है। ऐसे में नियंत्रण रेखा के उस पार मौजूद आतंक के सरगनाओं का एक ही प्रयास है कि किसी न किसी तरह आतंकियों तक हथियार और पैसा पहुंचाया जा सके।
अपनी इस मंशा को पूरा करने के लिए उस पार मौजूद पाकिस्तानी सेना, आतंकी संगठनों और आईएसआई नशीली वस्तुओं की तस्करी से आतंकियों को पैसा पहुंचाने के लिए नशीली वस्तुओं को नियंत्रण रेखा के इस पार पहुंचा रहे हैं। वहीं हथियारों को भी इस पार गिरा रहे हैं ताकि क्षेत्र में मौजूद ओजीडब्ल्यू उन हथियारों को घाटी में मौजूद आतंकियों तक पहुंचा सकें। नियंत्रण रेखा के उस पार मौजूद आतंकियों के सरगनाओं का एक ही प्रयास है कि किसी न किसी तरह आतंकियों तक हथियार और पैसा पहुंचाया जा सके।