पुंछ। नियंत्रण रेखा पर स्थित मेंढर के गांव नाड़मनकोट में 10 साल बाद भी मुख्य सड़क पक्की नहीं हो पाई। इससे भड़के लोगों ने रविवार को प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आजादी के बाद से अब तक उन्हें पक्की सड़क उपलब्ध नहीं हो पाई है। जिसके चलते क्षेत्र के हजारों लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव में अगर कोई बीमार हो जाता है तो उसे कंधे पर उठा कर गांव से कई किलोमीटर दूर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। समय पर अस्पताल न पहुंचने पर कई लोग बीच रास्ते में ही दम तोड़ गए हैं।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पिछले दस वर्षों से मनकोट तहसील मुख्यालय से नाड़ मनकोट के लिए सड़क की कटाई का काम चल रहा है जो आज तक पूरा नहीं हो पाया है। इसके कारण कच्ची एवं दलदल भरी सड़क पर वाहन आना-जाना तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल होता है। मोहम्मद ताहिर, शकील अहमद और मोहमद फिरोज ने जिला प्रशासन और पीडब्ल्यूडी विभाग से सड़क को पक्का करने का काम जल्दी पूरा करने की मांग की