पुंछ। वाहेगुरु की कृपा से तीस से चालीस लोगों की जान बच गई, वरना पाकिस्तान ने तो कोई कसर ही नहीं छोड़ी थी। पाकिस्तान ने गुरद्वारा साहिब पर तोप का गोला दागा था, जो लंगर हाल के पिल्लर से टकराकर छत फाड़ कर नीचे आ गया। इससे गुरद्वारा के सभी शीशे टूट गए। दीवारें छलनी हो गईं। यह बात हाथों में पाकिस्तानी तोप के गोले के अवशेष पकड़े गुरद्वारा साहिब धराटी के हैडग्रंथी गुरमीत सिंह, रंजीत सिंह और सुरेन्द्र सिंह ने कही।
उनका कहना है कि पिछले पांच दिनों से पाकिस्तानी सेना की तरफ से रिहायशी इलाकाें को निशाना बनाकर गोलाबारी की जा रही है। इसके चलते गांव के तीस चालीस लोग रात को गुरद्वारा में शरण लिए हुए थे। शनिवार सुबह करीब सवा छह बजे पाकिस्तानी सेना का यह तोप का गोला गुरद्वारा पर आ गिरा। इससे गुरद्वारा को भारी नुकसान पहुंचा, लेकिन वाहेगुरु की कृपा से किसी को खरोंच तक नहीं आई।
उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी सेना ने पिछले पांच दिनों में दो मंदिरों, एक मस्जिद, एक मदरसे और दो गुरद्वारों को निशाना बना कर गोले दागे हैं। इससे सभी धार्मिक स्थलों को भारी नुकसान पहुंचा है। सुरेन्द्र सिंह का कहना है कि इससे पहले कभी गांव में पाकिस्तानी गोले नहीं गिरे लेकिन शुक्रवार रात से शनिवार सुबह तक पाकिस्तानी सेना ने गांव में भारी गोले दागे हैं। यह पाकिस्तान की नापाक हरकत है जो वह रिहायशी इलाकों में इतने बड़े-बड़े गोले दाग रहा है, ताकि गांव में रहने वाले सिखों के 30 परिवार यहां से पलायन कर जाएं लेकिन हम यहां से कहीं नही जाने वाले। चाहे पाकिस्तान कितनी भी गोलाबारी कर ले।