पुंछ जिले के गांव मंधार में पाकिस्तानी गोलीबारी के चलते बंकर में पनाह लिए हुए लोग
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पुंछ।पाकिस्तानी सेना की तरफ से जिले के कस्बा और कीरनी क्षेत्र में पिछले कई दिनोें से लगातार रिहाईशी इलाकों को निशाना बना कर भारी गोलाबारी की जा रही है।जिसमें पिछले एक हफते में दो ग्रामीण घायल हो चुके हैं और कई मकानों को नुकसान पहुंचा है।जिससे पूरे इलाके में दैहशत का माहोल है।ऐसे में कल पाकिस्तानी सेना की तरफ से दोपहर 11बजे से लेकर रात भर कीरनी एंव कस्बा में की गई गोलाबारी के चलते नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी चोकियों के एक दम सामने स्थित आखिरी भारतीय गांव मंदार के ग्रामीणों को जान बचाने के लिए दिन रात भूखे प्यासे अपनी जान बचाने के लिए गांव में बनाए गए एक मात्र समुदायिक बंकर में दुबके रहना पड़ा।दोपहर 11बजे से देर रात तक बंकर में छुपे हुए मंदार के ग्रामीणों का कहना हैकि पाकिस्तानी सेना जानबूझ कर उनके घरों को निशाना बना क गोलाबारी करती है।जिसके कारण उनका जीना मुहाल हो कर रह गया है।गोलाबारी से बचने के लिए हम लोग इस आधे अधूरे बने बंकर में भूखे प्यासे छुपे बैठे हैं और गांव के कई लोग अपने घरों के अंदर छुपे हुए है।एक तरफ कोरोना महामारी ने हमें परेशान कर रखा है तो दूसरी तरफ पाकिस्तानी सेना की गोलाबारी ने उस पर अगले कुछ दिनों में हमारा मुकदस माहे रमजान शुरू होने वाला है ऐसे में हम गोलाबारी के चलते रमजान की भी तैयारी नहीं कर पा रहे है।हमारी भारत सरकार से मांग हैकि वह इस गोलाबारी को बंद करवाए ताकि हम चैन से रह सकें।वहीं इन ग्रामीणों का कहना हैकि गांव में आजतक एक ही समुदायिक बंकर बना है जिसके अभी प्लास्टर का काम चल रहा है।यह बंकर हमें जानबचाने का एक सहारा बन गया है परन्तू पाकिस्तानी सेना की चोकियों के सामने होने और पहाड़ी गांव होने के कारण गांव के सभी लोग भाग कर इस बंकर तक नहीं पहुंच पाते हैं क्योंकि अचानक शुरू होने वाली पाकिस्तानी गोलाबारी में बरसात से भी तेजी से गोले गिरने लगते हैं ऐसे में हमें हर घर के पास एक छोटा सा ही सही परन्तू निजी बंकर दिया जाए ताकि हम लोग अपनी जान बचा सकें।