पुंछ जिले के नियंत्रण रेखा के गांव करमाडा के ग्रामीण खराब हैंड पम्पों की मरमत की मांग को लेकर प्र?
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पुंछ। नियंत्रण रेखा पर स्थित गांव करमाड़ा के ग्रामीणों ने एक वर्ष से खराब पड़े गांव के हैंडपंपों की मरमत न कराए जाने को लेकर शुक्रवार को खाली बर्तन के साथ जिला प्रशासन और ग्राउंड वाटर विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पंचायत प्रतिनिधियों के खिलाफ भी रोष प्रकट करते हुए उन पर लोगों की परेशानियों की तरफ ध्यान न देने का आरोप लगाया।
शुक्रवार दोपहर गांव करमाड़ा के ग्रामीण, महिलाएं, एवं पुरुष गांव में खराब पड़े हैंडपंप के पास एकत्र हुए और पेयजल किल्लत को लेकर प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि गांव में लगे करीब तीन हैंडपंप एक वर्ष से खराब हैं। 20 दिन से गांव में पानी की आपूर्ति करने वाली मोटर भी खराब है। ऐसे में बार-बार मांग करने के बाद भी जिला प्रशासन और ग्राउंड वाटर विभाग की तरफ से इनकी मरम्मत नहीं कराई गई है। इसके कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। क्षेत्र में पाकिस्तानी सेना की तरफ से हर दिन समय असमय गोलाबारी की जाती है। इसके कारण जान की बाजी लगा कर गांव के बाहर स्थित जलाशयों से पानी लाना पड़ता है। कई बार पानी भरते समय गोलाबारी शुरू हो जाती है। हमें अपने बर्तन वहीं छोड़ कर जान बचाने के लिए भागना पड़ता हैै। अगर हैंडपंप चालू हालत में हों तो हम लोग आसानी से पानी प्राप्त कर सकते हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में चुने पंचायत प्रतिनिधियों और बीडीसी सदस्यों से भी कई बार गांव के हैंडपंप की मरम्मत कराने की गुहार लगाई लेकिन उन्होंने भी इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया।
प्रदर्शनकारियों ने धमकी दी कि अगर एक सप्ताह में सभी हैंडपंपों की मरमत न कराई गई तो वह जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करेंगे। प्रदर्शन में मोहम्मद रशीद और शमीमा बी आदि शामिल रहे।