पुंछ जिले के मंडी में मोलाना अब्दुल क्यूम के पपैदल हज पर रवाना होने के उपल्क्ष में अयोजित कार्यक्
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पुंछ। मंडी तहसील के दूर दराज के गांव हड़ीबुड्डा निवासी मौलाना अब्दुल क्यूम अशर्फी जिन्होंने रमजान माह में 29 दिन में अपने हाथों से कुरान शरीफ लिखा। वह रविवार को उस कुरान शरीफ जिसका वजन करीब 25 किलो है। उसे लेकर पैदल हज यात्रा (उमरा) के लिए मंडी से दिल्ली के लिए रवाना हुए। इस यात्रा में उनके साथ दो ओर लोग रहेंगे।
इस उपलक्ष्य में जामा मसजिद मंडी में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें मौलाना अब्दुल क्यूम अशर्फी के हाथों लिखे कुरान शरीफ का उपस्थित लोगों को दीदार कराया गया। उसके उपरांत उनके सफर की सफलता के लिए सामूहिक दुआ की गई। इसके उपरांत उन्हें माला पहना कर जुलूस के रूप में कस्बे के बाहर तक छोड़ा गया। इसके आगे वह कुछ साथियों के साथ सफर पर आगे बढ़ गए। मौलाना अब्दुल क्यूम अशर्फी ने कहा कि मेरी चार वर्ष से इच्छा थी कि मैं पुंछ से मक्का मदीना तक की पैदल यात्रा करूं उसके लिए मैंने कई मुल्कों के वीजे का प्रयास किया, परंतु वह नहीं मिला। ऐसे में हिंदुस्तान में जहां भाईचारा है, एकता है, और पैदल यात्रा को बड़ा सम्मान मिलता है। मैंने पुंछ से दिल्ली तक पैदल यात्रा करने और वहां से जेद्दा तक हवाई जहाज से यात्रा करनी है। जेद्दा से पैदल मक्का मदीना तक जाऊंगा। वहां हज के उपरांत इस कुरान शरीफ को वहां की लाईब्रेरी के लिए सौंप दूंगा।
उधर मौलाना अब्दुल क्यूम अशर्फी की पैदल हजयात्रा को लेकर मंडी के इमाम ने उनके खुदा और दीन के प्रति प्यार और मोहब्बत की प्रशंसा करते हुए कहा कि पुंछ जिले से पहली बार कोई इस प्रकार पैदल हज यात्रा के लिए जा रहा है, जो एक नेक कदम है। इससे गलत रास्ते पर चल रहे युवाओं को भी दीन ओ ईमान के रास्ते पर चलने की प्रेरणा मिलेगी।