पुंछ। शनिवार को दिनभर नियंत्रण रेखा के सलोत्री गांव में मोहम्मद यूनिस के रिश्तेदार पाकिस्तानी गोलाबारी से तबाह हुए मकान में मलबे में उसके मासूम बच्चों आठ वर्षीय रूबीना और छह वर्षीय फैजान के क्षत-विक्षत शव तलाश करते रहे, ताकि बच्चों के क्षत विक्षत शवों को पूरा करने के बाद सपुर्दे खाक किया जा सके। मलबे में से पूरे शरीर के कई टुकड़े मिले, जिसके बाद बच्चों और उनकी मां का जनाजा दोपहर बाद आयोजित किया गया। यूनिस के रिश्तेदार नजीर अहमद का कहना था कि जिस पलंग पर यूनिस की पत्नी शबनम अपने दोनों बच्चों के साथ सो रही थी, उस पर गोला गिरने से पलंग के साथ बच्चों के शरीर के भी चिथड़े उड़ गए थे। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने घर के पास बंकरों का ही निर्माण करवाया होता तो बच्चे और उनकी मां की जान नहीं जाती। ब्यूरो