ईदगाह मस्जिद में सुन्नी समुदाय की तरफ से रविवार को एक दिवसीय इस्लामुत कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। कांफ्रेंस में नगर तथा आसपास के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में सुन्नी मुसलमानों ने भाग लिया।
इस अवसर पर जिले के अलावा राज्य के अन्य क्षेत्रों से आए उलेमाओं ने इस्लाम और इस्लाम की शिक्षाओं पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित लोगों को इस्लाम के बताए मार्ग पर बने रहने का आहवान किया।
कांफ्रेंस की अध्यक्षता जामा मस्जिद पुंछ के इमाम मौलाना मोहम्मद फारूक मिसबई ने की। कश्मीर से आए मौलाना मोहम्मद अलताफ, मौलाना गुलाम नबी, मेंढर से आए मौलाना मोहम्मद अयूब और सुरनकोट के इमाम मौलाना मोहम्मद बिशरत इस कांफ्रेंस में बतौर मुख्य वक्ता रहे।
उन्होंने इस्लाम की शिक्षाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सही मायनों में इस्लाम विज्ञान है जो चीजें आज वैज्ञानिक बता रहे हैं हमारे पैगंबरों ने आज से हजारों साल पहले उन्हें बताया था।
वक्ताओं ने उपस्थित लोगों को इस्लाम की शिक्षाओं पर अडिग रहने का आहवान किया। वहीं इस अवसर पर वक्ताआें ने देवबंदियों पर निशाना साधते हुए उपस्थित लोगों से उनसे दूर रहने को कहा।