जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी के संस्थापक गुलाम नबी आजाद ने बुधवार दोपहर को पुंछ जिले की मंडी तहसील मुख्यालय पर पार्टी की जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने और बेरोजगारी बढ़ाने को लेकर विपक्षी दलों पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा, यह सब उनका किया धरा है जो अलगाववाद के नारे देते थे, उनकी अलगाववादी सोच और बयानों के चलते जम्मू कश्मीर के एक लाख से अधिक युवा मारे गए। साथ ही उनकी इस हरकतों को देखते हुए जम्मू कश्मीर से अलगाववाद को खत्म करने के लिए हमारे पास जो कुछ था वह भी हमसे छीन लिया गया।
आजाद ने कहा कि नेताओं को लोगों की समस्याएं हल करनी चाहिएं न कि लोगों को गुमराह करना चाहिए। पिछले कई दशकों से कुुछ राजनीतिक दल और नेता गुज्जर और पहाड़ियों को लड़वाने का काम भी कर रहे थे। मैं इस तरह की सियासत के हक में नहीं हूं कि वोट के लिए जनता को गुमराह कर अपना काम निकाला जाए। अब पहाड़ियों को भी एसटी दर्जा मिल गया है। मेरा दोनों से आग्रह है कि वह आपसी वैर विरोध भूल कर पहले की तरह आपस में एकता एवं भाईचारे से रहें।
आजाद ने अपने संबोधन में पाकिस्तान को भी आईना दिखाते हुए कहा कि हमारे यहां आटा, चावल, दाल, मिटटी के तेल, पेट्रोल, डीजल, मजदूरी के लिए मार काट नहीं होती। भारत में सबको आटा, चावल, पेट्रोल, डीजल और मजदूरी मिलती है।
जम्मू कश्मीर विशेष तौर पर पुंछ-राजोरी के लोगों को सलाम करते हुए आजाद ने कहा कि आप लोगों ने 1947, 48, 62, 65, 71 और 1999 में जिस प्रकार बहादुरी का परिचय दिया, वह काबिले तारीफ है। पाकिस्तान की तरफ से आतंकवाद फैलाने को लेकर आजाद ने कहा आज हिंदुस्तान का मुकाबला चीन, रूस और अमेरिका जैसे बड़े देशों के साथ है।
वहीं, डीपीएपी के अध्यक्ष गुलाम नबी आजाद ने हाल ही में राजोरी में हुए आतंकी हमले में बलिदान हुए हवलदार अब्दुल माजिद 9 पैरा (एसएफ) के परिवार से मुलाकात की। उन्होंने परिवार के साथ संवेदना व्यक्त की और राष्ट्र के लिए उनके बेटे द्वारा किए गए बलिदान का सम्मान करते हुए उन्हें दृढ़ समर्थन का आश्वासन दिया।