चिकित्सा शिविर में दवाएं देते सेना के चिकित्सक। संवाद
- फोटो : POONCH
पुंछ। सेना की बींबर गली बिग्रेड ने मेंढर के बालाकोट सेक्टर में भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर स्थित बसूनी और डब्बी गांव में चिकित्सा शिविर लगाया। इसमें बसूनी, डब्बी तथा आसपास के क्षेत्रों के बुजुर्गों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
जिला स्वास्थ्य विभाग और सेना के चिकित्सकों ने विभिन्न रोगों से पीड़ित करीब चार सौ लोगों की जांच कर उन्हें दवाइयां वितरित की। इस मौके पर चिकित्सकों ने लोगों को कोरोना से बचाव के लिए सैनिटाइजर और मास्क वितरित करने के साथ ही उन्हें सामाजिक दूरी को अपनाने की सलाह दी। बताया गया कि लगातार हाथों को साबुन से साफ करें। लोगों को कोरोना के टीकाकरण के लिए पंजीकृत करवाने के बारे में भी बताया। निशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित किए जाने एवं कोरोना से बचाव का सामान वितरित किए जाने पर लोगों ने सेना का आभार जताया है। ग्रामीणों ने बताया कि पाकिस्तानी गोलाबारी के कारण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं नाममात्र ही उपलब्ध हो पाती हैं। खांसी, जुकाम, बुखार जैसे रोगों के लिए भी गांव में उपचार की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। सेना की तरफ से इस प्रकार के निशुल्क चिकित्सा शिविरों के आयोजन से सभी को लाभ मिलता है। चिकित्सकों ने बताया कि जांच के आए लोगों में घुटनों एवं जोड़ों का दर्द, मौसमी बुखार और महिलाओं में खून की कमी की बात सामने आई है।