खुफिया सूचना पर पुंछ ने मारा छापा, दो घंटे सघन तलाशी चली
दुकानदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज, कुछ संदिग्ध हिरासत में
संवाद न्यूज एजेंसी
पुंछ। जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिले पुंछ में पुलिस ने एक बड़ी साजिश का भंडाफोड़ किया है। नगर के सबसे सुरक्षित और व्यस्त माने जाने वाले मुख्य बाजार में ज्वेलरी की एक दुकान पर शुक्रवार देर रात छापा मारा गया। इस दाैरान दुकान से एके-47 राइफल के कारतूस, पाकिस्तानी मुद्रा, पाकिस्तानी पोस्टर और झंडे बरामद हुए। पुलिस ने पूछताछ के लिए कुछ संदिग्धों को हिरासत में भी लिया है।
खुफिया एजेंसियों से मिले पुख्ता इनपुट पर पुलिस ने शुक्रवार रात करीब 8 बजे मुख्य बाजार की अकाली गुरुद्वारा गली में स्थित ज्वेलरी शॉप पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम और मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार मौजूद रहे। पुलिस सूत्रों ने बताया कि यह दुकान मोहल्ला खोड़ीनाड निवासी देविंद्र सिंह की है।
पुलिस ने दुकान में ने रात करीब 10 बजे तक सघन तलाशी ली। इसमें दुकान के भीतर से एके-47 राइफल के 5 कारतूस, पाकिस्तानी मुद्रा के 105 रुपये, 30 पाकिस्तानी पोस्टर और 2 पाकिस्तानी झंडे बरामद किए गए। पुलिस ने सारा सामान अपने कब्जे में लिया लिया। पुंछ थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
पुंछ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) की निगरानी में इस पूरे नेटवर्क को खंगालने के लिए जांच चल रही है। पुलिस पता लगाने में जुटी है कि इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद गोलियां और पाकिस्तानी सामग्री शहर के मुख्य बाजार की उस दुकान तक कैसे और कहां से पहुंची।
आतंक के दाैर में भी बरामद नहीं हुई ऐसी सामग्री
यह घटना सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी चौंकाने वाली है क्योंकि आतंकवाद के सबसे बुरे दौर में भी पुंछ नगर के इस हिस्से से ऐसी देशविरोधी सामग्री कभी बरामद नहीं हुई थी। अब जब इलाके में आतंकवाद अंतिम सांसें गिन रहा है, तब शहर के बीचों-बीच इस तरह का जखीरा मिलना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
सफेदपोश चेहरे या कोई गहरी साजिश?
इस मामले का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह है कि जिस दुकानदार के प्रतिष्ठान से यह सारा पाकिस्तानी सामान और कारतूस मिले हैं, उसका पूर्व में किसी भी प्रकार का कोई आपराधिक या असामाजिक रिकॉर्ड नहीं रहा है। इसी वजह से पुलिस इस मामले की बेहद बारीकी से जांच कर रही है कि क्या किसी गहरी साजिश के तहत यह सामान वहां प्लांट किया गया था या इसके पीछे कोई स्लीपर सेल काम कर रहा है।