पुंछ जिले के गांव लोरन सिब में शार्ट सर्किट से लगी आग में जलता मकान
- फोटो : POONCH
पुंछ। मंडी तहसील के दूरदराज के गांव लोरन सिब में मंगलवार सुबह शार्ट सर्किट से तीन मंजिला मकान जल कर राख हो गया। मकान में रहने वाले लोगों ने समय रहते बाहर भाग कर जान बचाई। आग में घर में रखा सारा सामान जल कर राख हो गया।
दूर दराज एवं सड़क से वंचित पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण मंडी से लोरन तक दमकल वाहन पहुंचे भी, लेकिन घटना स्थल तक सड़क न होने के कारण वह वहां तक नहीं पहुंच पाए। इसके चलते आग पर काबू पाने और आसपास के घरों को राख होने से बचाने के लिए जेसीबी से मकान को गिराना पड़ा। इस बीच आग की इस घटना की जानकारी मिलने पर तहसीलदार शहजादा लतीफ खान अन्य अधिकारियों के साथ घटना स्थल पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें तत्काल सहायता के तौर पर 30 हजार रुपये और कंबल प्रदान करने के साथ ही दो चार दिन में तीन लाख रुपये की सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिय। इस पर गांव सिब लोरन के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और उपराज्यपाल प्रशासन से पीड़ित परिवार को दोबारा मकान निर्माण कराने हेतु वित्तीय सहायता देने की मांग करते हुए कहा कि तीन लाख रुपये में इनका मकान दोबारा नहीं बन पाएगा।
मंगलवार सुबह मंडी तहसील के गांव लोरन सिब निवासी बशीर अहमद डार पुत्र रहमान डार के टीन और लकड़ी से बने तीन मंजिला मकान में शार्ट सर्किट से आग लग गई। मकान में सोए बशीर और उसके भाइयों के परिवार को जब आग का पता चला तब तक आग ने पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया था। उन्होंने शोर मचाते हुए बाहर भाग कर जान बचाई। पीड़ित परिवार का शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण महिलाएं, पुरुष एवं युवक भाग कर घटना स्थल पर पहुंचे और आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू कर दिए। आग के भीषण रूप के बावजूद ग्रामीणों ने कड़े प्रयासों से आग को आस पास के घरों नहीं पहुंचने दिया। इस बीच आग की घटना की सूचना मिलने पर 15 किलोमीटर दूर स्थित मंडी तहसील मुख्यालय से फायर ब्रिग्रेड के वाहन लोरन पहुंचे, लेकिन सड़क सही न होने के कारण घटना स्थल पर नहीं पहुंच पाए। सिब लोरन के ग्रामीणों नायब सरपंच मोहम्मद सदीक और बशीर नायक का आरोप है कि डेढ़ दशक से सीमा सड़क संगठन द्वारा गांव से कश्मीर के टंगमर्ग को पुंछ से जोड़ने के लिए सड़क का निर्माण कराया जा रहा है, परंतु जहां तक आबादी है वहां तक सड़क की हालत सही नहीं है, जिसके कारण गांव में फायर ब्रिगेड तक के वाहन नहीं पहुंच पाते हैं। बार-बार मांग करने पर भी सड़क की हालत में सुधार नहीं किया गया है। आज अगर सड़क सही होती तो फायर ब्रिगेड घटना स्थल तक पहुंच कर आग बुझा देती तो इस गरीब परिवार के मकान को जेसीबी से गिराना न पड़ता और मकान की दीवारें खड़ी रहती और मकान दोबारा बन जाता।