लतीफ संयोग से बच गए। उनका बड़ा बेटा भी सुरक्षित है। असल में वह किसी काम से जम्मू गया था। लेकिन घर में मौजूद बाकी सदस्यों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। रविवार सुबह होते ही जहां उनका घर था, वहां केवल मलबे का ढेर दिखाई दे रहा था।
सीमेंट, सरिया और पत्थरों के बीच अपनों की तलाश में लतीफ खुद भी ग्रामीणों और बचाव दल के साथ दिनभर जुटे रहे। फावड़ों और रस्सियों की मदद से लगातार राहत अभियान चलाया गया, लेकिन शाम तक केवल उनकी 60 वर्षीय रिश्तेदार बानो बी और दो वर्षीय पोते सोफियान यासिर के शव ही निकाले जा सके।
मलबे में अब भी उनकी पत्नी नूर सफिया, बेटे सज्जाद अहमद, हकनवाज, शहनवाज और मोहम्मद अकरम तथा बहू खालिदा कौसर के दबे होने की आशंका है। उनकी तलाश देर शाम तक जारी रही। लतीफ के रिश्तेदार मोहम्मद असलम ने बताया कि भारी बारिश के कारण लतीफ अपनी बोलेरो गाड़ी को गांव में ही सुरक्षित स्थान पर खड़ा करने निकले थे। इसके बाद वह एक रिश्तेदार के घर चले गए। उनकी पत्नी ने भी उन्हें बारिश थमने और सुबह होने तक वहीं रुकने की सलाह दी थी। इसी दौरान बादल फटने से पूरा मकान देखते ही देखते मलबे में तब्दील हो गया।
संभलने का नहीं मिला मौका, मकान का निशान तक नहीं बचा
ग्रामीणों के अनुसार बादल फटने की घटना इतनी अचानक हुई कि लोगों को संभलने का मौका ही नहीं मिला। तेज बहाव के साथ आए मलबे ने कई मकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया, सड़कें बह गईं और कई गांवों का संपर्क कट गया। इसी आपदा में सुरनकोट के निकट संगला गांव में अब्दुल हमीद का मकान भी बह गया। हमीद, उनकी पत्नी, बेटी और बहन तेज बहाव में लापता हो गए। दिनभर चले राहत अभियान में एक महिला का शव बरामद हुआ जबकि अन्य की तलाश जारी है। गांव में उनका मकान बह जाने के कारण उसका कोई निशान तक नहीं बचा।
पुलस्त्य नदी किनारे बनीं दुकानें, मस्जिद बही
नगर के निकटवर्ती गांव कनूईयां में रविवार को भारी बारिश के बाद पुलस्त्य नदी में आई बाढ़ में नदी किनारे स्थित दो दुकानें, एक वर्कशॉप, गाड़ियों का सर्विस स्टेशन, एक आटा चक्की और एक छोटी सी एक कमरे में बनी मस्जिद बह गई। वहीं वर्क शॉप और सर्विस स्टेशन में मरमत और काम के लिए आए करीब आधा दर्जन वाहन जिनमें ट्रैक्टर ट्राली, टाटा मोबाइल, मिक्सर मशीन शामिल है। पीड़ितों का कहना है कि बैंकों से लोन लेकर यह काम धंधा शुरू किया था। देर शाम को नदी का जल स्तर कम होने पर पीड़ित दुकानदार नदी से सामान निकालने में जुटे नजर आ रहे थे।
पुंछ में बिजली ढांचा बुरी तरह प्रभावित
जिले में होने वाली भारी बारिश और कुछ स्थानों पर बादल फटने के बाद नदी नालों से आई बाढ़ और कई स्थानों पर हुए भूस्खलन से जिले में बिजली ढांचा बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जिसके चलते एग्जिक्यूटिव इंजीनियर विद्युत विभाग आफताब अहमद का कहना है कि कम से कम अगले दो दिनों तक पुंछ जिले में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकती है। उनका कहना है कि भारी बारिश और बाढ़ के चलते कई क्षेत्रों में बिजली की तारे, खंभे और ट्रांसफार्मर बह गए क्षतिग्रस्त हो गए। इतना ही नहीं राजोरी से पुंछ के बीच बिजली की 132 केवी लाइन के दो टावरों को भी नुकसान पहुंचा है।