पुंछ। पाकिस्तानी सेना का दुस्साहस बढ़ता जा रहा है। नियंत्रण रेखा पर भारतीय जवानों पर हमला कर उनके सिर कलम करने, घात लगा कर शहीद करने, अग्रिम चौकियों की तरफ के रास्तों पर बारूदी सुरंगें बिछाने और आईईडी लगाकर उन्हें नुकसान पहुंचाने के प्रयास के बाद अब फेंसिंग के आगे अग्रिम चौकियों को कब्जाने के प्रयास में हैं।
अगर सूत्रों की मानें, तो आने वाले दिन भारतीय सेना के जवानों के लिए नियंत्रण रेखा पर कडे़ संघर्ष वाले हो सकते हैं। क्योंकि नियंत्रण रेखा के उस पार मौजूद आतंकियों, आईएसआई, बैट टीम और पाक सेना ने नापाक इरादों में तेजी लाने के लिए कमर कस ली है। जानकारी के अनुसार करीब ग्यारह दिन पहले पाक अधिकृत बिंबर स्थित पाक सेना के मुजाहिद सेंटर में आतंकी सरगना और मुतैहिदा मुजाहिदीन काउंसिल प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन की अगुवाई में एक बैठक हुई, जिसमें आतंकी संगठनों लश्कर-ए-तोयबा, हिजबुल मुजाहिद्दीन, जेकेएलएफ अलफेह, आईएसआई, पाक खुफिया एजेंसी ज्योग्राफिकल विंग और पाक सेना की 2,6 और 26 ब्रिगेड के कमांडरों और उनके अधीनस्थ यूनिटों के कमांडिंग अधिकारियों ने भाग लिया।
सूत्रों के अनुसार करीब तीन घंटों तक चली बैठक में 300 के करीब लोग शामिल हुए। इसमें जहां उस पार मौजूद आतंकियों को अधिक से अधिक संख्या में भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ कराने पर बल दिया गया। वहीं बैट हमलों में तेजी लाते हुए न सिर्फ नियंत्रण रेखा पर भारतीय जवानों को हानि पहुंचाने की योजना बनाई गई, बल्कि पाक सेना, आईएसआई, आतंकी संगठनों और बैट टीम को फेंसिंग के आगे स्थित भारत की अग्रिम चौकियों को कब्जाने की योजना बनाई गई। बैठक में ही एलओसी के साथ आईबी पर भी गोलाबारी तेज करने का निर्णय लिया गया।