पुंछ। क्रास एसओसी ट्रेड करने वाले व्यापारियों ने आपातकालीन बैठक कर राज्य सरकार को धमकी दी कि अगर दो हफ्तों के भीतर उनकी मांगाें को पूरा नहीं किया गया, तो वह क्रास एलओसी ट्रेड को भी बंद कर देंगे। वहीं व्यापारियों ने कश्मीर घाटी में ट्रेडर्स पर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई और व्यापारियों की गिरफ्तारी की कडे़ शब्दों में निंदा की।
मंगलवार सुबह करीब 10.30 बजे नगर में चैंबर आफ जम्मू-कश्मीर क्रास एलओसी ट्रेडर्स ऐसोसिएशन चक्का द बाग की तरफ से एक आपातकालीन बैठक का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में भारत पीओके के बीच ट्रेड करने वाले व्यापारियों ने भाग लिया। बैठक अध्यक्षता राजीव टंडन और एसोसिएशन के प्रधान पवन आनंद ने की। मौजूद व्यापारियों में मोहम्मद बशीर मागरे, एस दीवान, कृष्ण सिंह, मोहम्मद आसम, नवी दत्ता आदि ने कहा कि सन 2008 में पुंछ में चक्का द बाग की राह-ए-मिलन के रास्ते जम्मू-कश्मीर और पीओके के बीच मुक्त व्यापार शुरू हुआ था, तो हम लोग दोनों देशों के बीच रिश्ते मजबूत बनाने में अपनी भूमिका के तौर पर इसे देख रहे थे। उस समय क्रास एलओसी ट्रेड में 21 वस्तुओं को व्यापार के लिए निश्चित किया गया था। साथ ही इस बात का वादा किया गया कि हर दो महीने बाद व्यापार सूची में वस्तुओं की संख्या बढ़ाई जाएगी। लेकिन आज तक तीन वस्तुएं ही व्यापार में रह गई हैं। सबसे पहले उस पार से आने वाला लहसुन बंद किया गया, फिर दालें बंद की गईं। इस पार से जाने वाला नारियल एवं गरी बंद की गई। इतना ही नहीं कस्टम वालों का जब जी करता है, वह किसी भी वस्तु को प्रतिबंधित कर देते हैं। ऐसे में हमारी मांग है कि व्यापार में शामिल 21 वस्तुओं का जिनका पहले व्यापार हुआ है, उन्हें बहाल रखा जाए और नई वस्तुओं को भी सूची में जोड़ा जाए। दोनों तरफ के व्यापारियों को आर-पार जाने आने के लिए परमिट दिए जाएं। दोनों तरफ के व्यापारियों के बीच बैठक कराई जाए।