पुंछ। जिले में भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सेना की चौकियों के एक दम सामने बसने वाले गांव सलोत्री के ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से नियंत्रण रेखा निवासियों के लिए बनाए जा रहे बंकरों में ठेकेदारी प्रथा बंद करने की मांग की है। जहां बंकरों का निर्माण काराया जाना है, वहां के लोगों को बंकर निर्माण का पैसा देने की गुहार लगते हुए बंकरों के निर्माण में हो रही देरी के लिए ठेकेदारी प्रथा को जिम्मेवार ठहरा है।
गांव सलोत्री निवासी मोहम्मद आजम, मुख्तयार अहमद, खादम हुसैन और मोहम्मद जुनेद का कहना है कि सरकार की तरफ से एक बंकर के निर्माण के लिए 12 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। बंकरों के निर्माण का काम ठेकेदारों को सौंपा गया है। एक एक ठेकेदार के पास कम से कम 20 से 30 बंकरों के निर्माण की जिम्मेदारी दी गई है। जिसके कारण ठेकेदार सबसे पहले उन स्थानों पर बंकर बनाने के काम में लगे हुए हैं जहां पर जे सी बी मशीनें और अन्य सामान आसानी से पहुंच रहा है। जबकि हमारे गांव जैसे गांव में जहां न सड़क है और न ही आसानी से मशीने पहुंच सकती हैं वहां सर्वे होने के छह महीने बीत जाने के बाद भी बंकरों का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। जिसके परिणाम स्वरूप गांव में 15 दिन पहले पाकिस्तानी गोलाबारी में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई है।
वहीं दूसरी तरफ ठेकेदारों को बंकर बनाने के काम से अपने लिए भी पैसों की बचत करनी है जिसके लिए वह निर्माण कार्य को सही मायनों में नहीं करवा रहे हैं, वह गुणवक्ता के साथ ही समझौता कर रहे है। ऐसे में जिस घर में अथवा घर के पास बंकर बनाए जाने हैं वहां के किसी आदमी को बंकर बनाने के लिए पैसा दिया जाएगा तो वह अपने परिवार की जान की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अधिक मजबूत बंकर बनवाएगा चाहे हुए दस बीस हजार रुपये जेब से ही क्यों न लगाने पड़े। साथ ही इस प्रकार बंकरों का निर्माण कार्य भी जल्दी हो सकेगा और पाकिस्तानी गोलाबारी में हम लोगों की जान की सुरक्षा का प्रबंध भी जल्दी हो जाएगा। सलोत्री के लोगों का कहना है कि सरकार हमें 12 लाख के स्थान पर 4.5 लाख रुपये ही दे दे तो हम ठेकेदारों द्वारा बनाए जाने वाले बंकरों से कहीं बढ़िया बंकर बनाएंगे।