शर्मा ने कहा कि मतदाता सूचियों में संशोधन की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली गई है और जरूरत पड़ी तो यह विशेष प्रक्रिया फिर से संचालित की जा सकती है। हमारी पूरी कोशिश रहेगी की कि चुनाव में कोई भी मतदाता छूटे नहीं, जो छूट गए हैं उन्हें दोबारा सूची में शामिल किया जाएगा। कार्यकाल के हिसाब से 2023 के अंत या 2024 के शुरू में पंचायत चुनाव करवाए जाने हैं।
इस दिशा में हमारी तैयारी पहले से ही चल रही है। पिछले पंचायत चुनाव जनवरी 2019 में करवाए गए थे। पंचायतों ने विकास और अन्य सार्वजनिक मुद्दों पर बेहतर काम किया। हमारा सारांश पुनरीक्षण का काम लगभग पूरा हो चुका है। प्रदेश में 4192 पंचायतें हैं जिनमें करीब 1000 पंचायतों में विभिन्न कारणों से पंचों सरपंच स्थापित नहीं हो पाए थे और ये लगभग सभी पद कश्मीर से हैं।
पंचायतों का कार्यकाल दो साल बढ़ाने की वकालत
वहीं, आल जेएंडके पंचायत कान्फ्रेंस के अध्यक्ष अनिल शर्मा ने कहा कि पंचायतों का कार्यकाल जनवरी 2024 में पूरा हो रहा है और नियमों के तहत कार्यकाल खत्म होने से पहले चुनाव करवाए जा सकते हैं। हम मांग करते हैं कि पंचायत चुनाव त्रि स्तरीय व्यवस्था में एक साथ करवाए जाएं। इसमें पंचायत की सभी श्रेणियों को शामिल किया जाना चाहिए। हमने परिस्थितियों को आधार बनाते हुए पंचायतों का कार्यकाल दो साल का बढ़ाने की भी मांग की थी।