कठुआ। बढ़ती गर्मी से लगातार नीचे जा रहे भूमिगत जल स्तर के कारण शहर में पेयजल संकट गहराने लगा है। शहर के वार्ड 2, 5, 6 व 7 में ज्यादातर हैंडपंपों के सूखने के कारण लोग जलशक्ति विभाग की पेयजल आपूर्ति पर ही आश्रित होकर गए हैं।
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता मोहिंदर सिंह ने कहा कि शहर के इन क्षेत्रों में पहले से लोग अपनी पानी की जरूरत को हैंडपंपों से पूरा करते आ रहे हैं लेकिन भूमिगत जलस्तर कम होने के बाद हैंडपंपों ने अब पानी देना बंद कर दिया है। इससे लोगों के सामने पानी की किल्लत हो गई है। इसकी समस्या सबसे ज्यादा महिलाओं को हो है क्योंकि सभी तरह के घरेलू कामकाज उन्हीं के जिम्मे होते हैं। लिहाजा पानी की सबसे ज्यादा जरूरत भी उन्हीं को होती है। हैंडपंप से हमेशा उपल्बध रहने वाले पानी के कारण इन वार्डों में ज्यादातर लोगों के घरों में पानी के भंडारण की सुविधा नहीं है। ऐसे में मात्र एक घंटा आने वाले पानी से लोगों की जरूरत पूरी नहीं हो पातीं।
लोगों ने प्रशासन से गांव में गर्मी के इस मौसम में जब तक भूमिगत जलस्तर ऊपर नहीं आ जाता है, तब तक पेयजल आपूर्ति की समयावधि को बढ़ाने या फिर इसे दिन में दो बार करने की मांग उठाई है ताकि लोगों को पानी की समस्या न हो।