कठुआ। जिले में अलग-अलग स्थानों पर चलने वाली औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले पानी से हो रहे कथित नुकसान के खिलाफ लोग लामबंद होने शुरू हो गए है। मंगलवार को घाटी क्षेत्र के किसानों व चक शेखां के लोगों ने एक बार फिर डीसी से मिलकर इन इकाइयों की ओर से जलस्रोत में छोड़े जाने वाले पानी का विरोध किया और उसे तुरंत बंद किए जाने की मांग की।
घाटी से आए किसानों का नेतृत्व कर रहे बलबीर सिंह ने बताया कि घाटी क्षेत्र में स्थापित उद्योगों में स्थानीय लोगों को अगर रोजगार दिया जा रहा है तो वह सिर्फ मजदूर के तौर पर मिल रहा है। इसके एवज में हमारी जमीन, पानी और पहाड़ का उपयोग किया जा रहा है। इन औद्योगिक इकाइयों की ओर से छोड़ा जाने वाला पानी इतना दूषित है कि इसके प्रभाव से फसल खराब हो जाती है। आने वाले दिनों में इलाके के लोग धान की पनीरी लगाएंगे लेकिन अगर औद्योगिक इकाइयों से इसी तरह से दूषित पानी छोड़ा जाता रहा तो वह भी खराब हो जाएगी। उन्होंने बताया कि आज इलाके के किसानों की इन्हीं समस्याओं को लेकर वे डीसी कठुआ से मिले है। उन्होंने उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। अगर दूषित पानी बंद नहीं किया गया तो वे लोग इसके खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार करेंगे।
वहीं, चक शेखां से आए लोगों का नेतृत्व कर रहे आम आदमी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एसके भंडारी ने डीसी को बताया कि गत शनिवार को वे लोग गांव में आने वाले दूषित पानी की समस्या लेकर आए थे। तब उन्होंने आश्वासन दिया था कि लोगों की समस्या का समाधान करने के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को गांव में भेजा जाएगा लेकिन चार दिन का समय बीत जाने के बाद भी गांव में कोई नहीं आया है। इस पर डीसी ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह आज ही दूषित पानी को बंद करने के लिए अधिकारियों को निर्देश जारी करेंगे।
रेवाड़ी। प्रतियोगिता में जीत हासिल करने के बाद खुशी जाहिर करते विद्यार्थी। स्रोत : महाविद्यालय