हीरानगर। चुनाव आयाेग ने पिछली घटनाओं को ध्यान में रखकर इस बार सुरक्षा चाक चौबंद की है। मतदान के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की 100 कंपनियां तैनात की गई हैं। लोग बेखौफ होकर मतदान करें।
22 वर्ष पहले आज ही के दिन हीरानगर में एक अक्तूबर 2002 को विधानसभा चुनावों के लिए मतदान शुरू हो रहा था कि तभी हीरानगर मोड़ पर सुबह आतंकवादियों ने हाईवे पर यात्री बस पर ग्रेनेड हमला किया इसमें नौ निर्दोष लोगों की मौत हो गई थी। इस बार संजोगवश 22 वर्षों बाद फिर से विधानसभा चुनाव के लिए मतदान का यही दिन तय है लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। लोगों में भी मतदान को लेकर उत्साह बरकरार है।
स्थानीय निवासी अनंत राम डोगरा ने कहा कि आज भी याद है कि मैं सुबह अपनी सब्जी की दुकान पर सामान सजा रहा था कि तभी गोलियों की आवाज शुरू हो गई। यूथ फेडरेशन के अध्यक्ष धीरज गुप्ता ने कहा कि इस आतंकी हमले में मारे गए लोगों की याद में हर वर्ष शहीदी दिवस मनाया जाता है। मंगलवार को 22वां शहीदी दिवस मनाएंगे। इसके लिए स्थानीय लोगों और मारे गए लोगों के परिजनों को आमंत्रित किया गया है।
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सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं। सीमावर्ती इलाकों से लेकर हाईवे और कंडी के सभी इलाकों में गश्त, गाड़ियों की जांच लगातार की जा रही है। मतदान केंद्रों के लिए पुलिस की टीमें रवाना हो चुकी हैं। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल को भी सतर्क रहने को कहा गया है। अंतरराष्ट्रीय सीमा से हाईवे या अन्य इलाकों को आने वाले नदी नालों को बारीकी से खंगाला जा रहा है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस के जवान पैनी नजर बनाए हुए हैं। कुल मिलाकर कहा जाए तो हर एंगल से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
-धीरज कटोच, एसडीपीओ बॉर्डर