गांव सन्याल में जवानों को भोजन परोसते स्थानीय लोग। संवाद
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भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे गांव सन्याल में रविवार रात से शुरू किया तलाशी अभियान सोमवार शाम तक जारी रहा
हीरानगर। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे गांव सन्याल में रविवार शाम को आतंकियों से मुठभेड़ के बाद लगातार चलाए जा रहे तलाशी अभियान में स्थानीय लोग सुरक्षाबलों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। रविवार पूरी रात गांव के लोग न सिर्फ जागते रहे बल्कि सुरक्षा बलों, मीडिया कर्मियों और यहां दूसरे इलाकों से आए लोगों के लिए उन्होंने लंगर की व्यवस्था की। गांव के घर-घर से महिलाओं ने रोटियां बनाकर लंगर में भेजीं। रविवार रात को शुरू हुआ लंगर सोमवार को भी जारी रहा। सोमवार को सुबह सुरक्षा बलों और यहां आए लोगों के लिए नाश्ते का प्रबंध किया गया, जिसमें खास बात यह देखने को मिली कि गांव के हर घर में जो भी नाश्ता बनाया गया और उसका कुछ हिस्सा मुख्य चौक में लगाए गए स्टॉल पर भेजा गया। गांव की महिलाएं खुद घरों से रोटी बनाकर यहां देने पहुंची, ताकि यहां आया कोई भी व्यक्ति भूखे पेट न रहे। लोगों की ओर से की गई इस व्यवस्था ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सीमावर्ती लोग हर परिस्थिति में सुरक्षा बलों और देश के लिए कुछ भी कर सकते हैं। वहीं, यहां आए अधिकारियों और लोगों ने इसके लिए गांव के लोगों का आभार भी जताया और सराहना भी की। इस व्यवस्था के लिए आगे आए लोगों ने कहा कि जिस तरह से सुरक्षाबल देश की रक्षा कर रहे हैं, इसी तरह हम भी उनकी सेवा कर अपना फर्ज निभा रहे हैं, जिसके लिए हमें गर्व है। संवाद