मवेशियों के रखरखाव के लिए गोशाला को जमा करने होंगे 41,340
लखनपुर पुलिस ने 12 मवेशियों से लदा वाहन किया था जब्त
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। मुंसिफ न्यायाधीश ने वाहन में क्रूरता के साथ ठूंसकर भरे गए पशुओं के मामले में जब्त वाहन को सशर्त रिहा कर दिया है। आदेश के अनुसार, अदालत ने वाहन के मालिक को 12 मवेशियों की देखभाल, परिवहन और चारे पर हुए खर्च के रूप में 41 हजार 340 रुपये गोशाला में जमा कराने का आदेश भी दिया है।
मामले की सुनवाई मुंसिफ न्यायाधीश वीरेन मगोत्रा की अदालत में की गई। कोर्ट में दायर आवेदन के अनुसार, लखनपुर पुलिस ने गत 14 मई 2026 को कीडियां नाके पर पंजाब से कठुआ की ओर आ रहे वाहन को जांच के लिए रोका था। तलाशी के दौरान वाहन में 12 मवेशियों को बेहद क्रूर तरीके से बांधा गया था तथा उनके लिए खाने-पीने की कोई व्यवस्था नहीं थी। इसके बाद पुलिस ने चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर वाहन को जब्त कर लिया था।
वाहन से बरामद पशुओं को कीडियां गंडियाल गोशाला में रखा गया। वाहन चालक शाहिर चौधरी ने न्यायालय में याचिका दायर कर वाहन की रिहाई की मांग की। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने वाहन की रिहाई का विरोध किया और आशंका जताई कि वाहन को छोड़े जाने पर इसका दोबारा इसी तरह की गतिविधियों में इस्तेमाल किया जा सकता है। न्यायालय ने उच्च न्यायालय के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि आवश्यक शर्तों और सुरक्षा उपायों के साथ वाहन को सुपुर्दगी पर छोड़ा जा सकता है।
अदालत ने 13 दिनों तक प्रत्येक मवेशी के रखरखाव के लिए 264 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से 41 हजार 340 रुपये की राशि जमा करने का आदेश दिया। कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिए कि वाहन को न तो बेचा जा सकेगा और न ही उसके रंग, स्वरूप अथवा पंजीकरण संबंधी पहचान में कोई बदलाव किया जा सकेगा। वाहन का उपयोग किसी भी अवैध गतिविधि, विशेषकर पशुओं के अवैध परिवहन में नहीं किया जाएगा। अदालत के निर्देश पर वाहन को आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय में प्रस्तुत करना भी अनिवार्य होगा।