वंदे भारत में बैठ कठुआ पहुंचे डॉ. जितेंद्र सिंह बोले-कुछ दिन बाद होगा ठहराव
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। कटड़ा से दिल्ली के बीच चलने वाली दूसरी वंदे भारत ट्रेन की शनिवार को शुरुआत हो गई। शनिवार को वंदे भारत कठुआ में भी रुकी। मगर, फिलहाल कठुआ के लोगों को इस ट्रेन का फायदा नहीं मिलेगा। हालांकि, निकट भविष्य में इस ट्रेन का कठुआ में स्थायी ठहराव होगा। इसकी पुष्टि केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने शनिवार
को कठुआ रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर की।
डॉ. जितेंद्र सिंह वंदे भारत में सफर कर कटड़ा से कठुआ पहुंचे और यहां से ट्रेन को दिल्ली के लिए रवाना किया। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि आज वंदे भारत उन सभी स्टेशनों पर रुकती हुई जाएगी, जिन स्टेशनों पर निकट भविष्य में इसका ठहराव किया जाना है। उन्होंने कहा कि फिल्हाल यह ट्रेन कठुआ में नहीं रुकेगी। मगर, जल्द ही कठुआ में वंदे भारत का ठहराव होगा। इसके लिए रेलवे विशेषज्ञ समय का आकलन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस ट्रेन को 8 घंटे में कटड़ा से दिल्ली पहुंचना है। अगर कठुआ और उधमपुर में इसका ठहराव करना है तो समय प्रबंधन जरूरी है। इसको लेकर रेलवे विशेषज्ञ लगे हैं। समय बचाने के लिए लुधियाना से आगे ट्रेन की गति को बढ़ाकर 130 किमी. प्रति घंटा किया जाएगा। इससे समय की बचत होगी और कठुआ, उधमपुर में ट्रेन रोकने की राह प्रशस्त होगी। केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि कुछ ही समय के दौरान जम्मू-कश्मीर को 2 वंदे भारत मिलीं और दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेस-वे भी जल्द तैयार होने वाला है। इससे परिवहन सुगम हो गया है। इसके चलते इस साल 2 करोड़ पर्यटक घाटी में पहुंचे हैं और 30 दिसंबर तक 96 लाख श्रद्धालु माता वैष्णो देवी दरबार में नतमस्तक हुए हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में 41 हजार करोड़ से रेल यातायात को सरल बनाने के प्रोजेक्ट चल रहे हैं। जोकि, देश भर के अन्य राज्यों के मुकाबले सर्वाधिक है। इसी की बदौलत जम्मू-कश्मीर को रेल नेटवर्क का रोल मॉडल कहा जाता है। उन्होंने कहा कि अभी भी कई योजनाएं हैं। जिन पर विचार किया जा रहा है।
शहीद कैप्टन सुनील चौधरी के नाम पर किया जा रहा विचार : कठुआ रेलवे स्टेशन का नाम शहीद कैप्टन सुनील चौधरी के नाम पर रखे जाने की उठ रही मांग पर केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि उधमपुर रेलवे स्टेशन का नाम शहीद कैप्टन तुषार महाजन के नाम पर रखा गया है। उधमपुर रेलवे स्टेशन पहला स्टेशन है, जिसका नाम शहीद के नाम पर रखा गया। अब कठुआ रेलवे स्टेशन का नाम शहीद कैप्टन सुनील चौधरी के नाम पर रखे जाने को लेकर विचार किया जा रहा है।
वंदे भारत को कठुआ में मिले स्थायी ठहराव
परिवार सहित वंदे भारत का कठुआ रेलवे स्टेशन पर इंतजार करते हीरानगर के मथुराचक निवासी पवन कुमार ने बताया कि वह सशस्त्र सुरक्षा बल के जवान हैं और दिल्ली में अपनी ड्यूटी ज्वाइन करने के लिए जा रहे हैं। बताया कि उन्होंने कई ट्रेनों में कोशिश की पर टिकट नहीं मिल पाया। वंदे भारत में उन्हें टिकट मिल गई। पवन कुमार ने कहा कि वह भाग्यशाली हैं जिन्हें पहली बार कठुआ में रुकी वंदे भारत में सफर करने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि इस ट्रेन का कठुआ में स्थायी ठहराव किया जाना चाहिए। ताकि, 12 घंटे की बजाए लोग 6 घंटे में दिल्ली पहुंच सकें।
यह केवल उद्घाटन के लिए चलाई गई ट्रेन है। अभी इसके नियमित संचालन के लिए कोई भी निर्देश नहीं मिला है।
-जय ओमकार सिंह, अधीक्षक
कठुआ रेलवे स्टेशन