जिला न्यायिक मोबाइल मजिस्ट्रेट ने नकली सोने के आभूषण बेचकर लोगों से धोखाधड़ी मामले में दो आरोपियों को सशर्त जमानत दी है। दोनों आरोपियों को नगरी पुलिस ने पंजाब के फतेहपुर इलाके से गिरफ्तार किया था।
दोनों आरोपियों को जमानत के लिए 50-50 हजार का व्यक्तिगत बांड और सामान राशि का एक-एक जमानती कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है।
आरोपी चिराग गौतम निवासी नोएडा और श्रेष्ठ गौतम निवासी मथुरा उत्तर प्रदेश पर कठुआ स्थित एक सोने कारोबारी से नकली सोने के आभूषण बेचने और धोखाधड़ी करने का आरोप है। दोनों आरोपियों को पंजाब के फतेहपुर से गिरफ्तार किया गया था। आरोपियों के वकील ने कोर्ट में जमानत जमानत याचिका दायर कर दावा किया कि वे निर्दोष हैं और पुलिस ने उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज किया है। आश्वासन दिया कि वे जमानत पर रहते हुए किसी भी प्रकार से साक्ष्यों से छेड़छाड़ नहीं करेंगे। अभियोजन पक्ष की ओर से आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। कोर्ट को बताया कि आरोपियों की पहचान परेड अभी लंबित है और वे उत्तर प्रदेश के निवासी हैं। अगर इनको जमानत मिलती है तो वे जांच में बाधा उत्पन्न हो सकती है। साथ ही यह आशंका जताई गई कि जमानत मिलने पर आरोपी फिर से अपराध कर सकते हैं। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि आरोप गंभीर है, लेकिन इनमें आजीवन कारावास या मृत्युदंड का प्रावधान नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि न्याय की मूल भावना यह है कि जब तक दोष सिद्ध न हो, व्यक्ति को निर्दोष माना जाता है। इसके बाद कोर्ट शर्तों के साथ आरोपियों को जमानत देने का फैसला सुनाया गया।