हीरानगर। रविवार को आफत बनकर बरसी बारिश से उपमंडल के इलाकों में हुई तबाही से भरने की मशक्कत अभी भी जारी है। तरनाह नाले में बाढ़ के कारण सीमावर्ती इलाकों में लोगों के घरों में घुसे पानी से घरों में घुसा मलबा और बदबू उनका पीछा नहीं छोड़ रहे है। लोग अभी भी घरों की सफाई में जुटे हुए हैं।
बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों को आपस में जोड़ने वाले करीब एक दर्जन संपर्क मार्ग अभी भी क्षतिग्रस्त हैं, जिनकी मरम्मत का कार्य तो चल रहा है लेकिन यहां वाहनों का आवागमन अभी शुरू नहीं हुआ है। कंडी क्षेत्र के गांव प्रंगोली, सेड, कटली, गुड़ा सूरजां और इसके आसपास के गांव के लोगों को आधा से एक किलोमीटर का सफर पांच से दस किलोमीटर में करना पड़ रहा है। तबाही इस कदर हुई है कि अभी भी कुछ दिन लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
गुड़ा सुरजां के योगेश शर्मा, विजय शर्मा, सुनील कुमार, सुरजीत कुमार, रवि शर्मा आदि ने बताया कि पहले तो उनके गांव को जाने वाली सड़क बंद हो चुकी थी, लेकिन अब सड़क तो खुल गई है लेकिन मोहल्ले तक का रास्ता अभी भी बंद है।
मथुरा चक निवासी रींकु ने बताया कि बाढ़ से जो मंजर उन्होंने देखा पहले कभी नहीं देखा। वह कबाड़ का काम करते हैं और रविवार को आई बाढ़ में करीब 8 से 10 लख रुपए के सामान को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया। इसके बाद हल्की सी बारिश देखकर भी डर लगता है।
यातायात शुरू करने के लिए चल रहा काम
रविवार को बारिश के कारण दयाला चक बिलावर सड़क बंद होने से यातायात पूर्ण रूप से ठप हो गया था। सन्याल में पुल की एप्रोच धंसने से करीब तीन दिनों तक वाहनों की आवाजाही बंद रही। बीआरओ ने एप्रोच की मरम्मत का कार्य शुरू किया, जिसके बाद बुधवार को यहां से छोटे वाहनों के आने जाने के लिए रास्ता खोल दिया गया। बड़े वाहन और माल वाहकों के लिए अभी भी रास्ता बंद है। बुधवार सुबह फिर से बारिश होने के कारण सड़क की मरम्मत का काम बाधित हुआ, जिसे दोपहर बाद फिर शुरू किया गया।