कठुआ। जम्मू-कश्मीर के प्रवेश द्वार लखनपुर में तैयार की गई बजट आवासीय (अकोमोडेशन) इमारत इस्तेमाल होने से पहले ही खंडहर हो गई। करीब 3.70 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस इमारत के तीन ब्लॉक में सुरक्षाबलों को ठहराया गया है। बच्चों के पार्क सहित पार्किंग स्थल पर जंगली घास उगी है। लाखों की लागत से बने शौचालय पर ताले लटक रहे हैं।
सड़क के माध्यम से लखनपुर से प्रवेश करने वाले पर्यटकों और अमरनाथ यात्रियों को सुविधा देने के लिए ही इन इमारतों का निर्माण किया गया था। संबंधित विभाग ने वर्ष 2017-18 में यह निर्माण कार्य पूरा करवा लिया था लेकिन छह साल बीत जाने के बाद भी इन इमारतों को पर्यटकों के लिए कभी नहीं खोला गया।
पर्यटन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक वर्ष 2012-13 में जम्मू-कश्मीर सरकार ने प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र की मदद से लखनपुर के लिए करीब 49 करोड़ रुपये की परियोजना तैयार की थी। इसके तहत जम्मू-कश्मीर के प्रवेश द्वार पर ही पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए ट्रैवलर्स मार्ट सहित आर्ट गैलरी, रेस्तरां, रसोईघर, स्टाफ रूम के साथ पर्यटन कार्यालय और प्रदेश के सभी पर्यटन स्थलों की सूचना के लिए अलग कार्यालय बनाया जाना था।
पर्यटकों के ठहरने के लिए बजट आवासीय इमारत सहित बच्चों के खेलने के लिए पार्क सहित सामुदायिक शौचालय का निर्माण डुग्गन-बिलावर विकास प्राधिकरण और उस समय की बनी-सरथल विकास प्राधिकरण की ओर से करवाया गया लेकिन वर्ष 2014 में जम्मू-कश्मीर और केंद्र में नई सरकार बनने से यह परियोजना सार्थक नहीं हो सकी।
वर्ष 2017-18 में इन इमारतों का ढांचागत विकास तो पूरा करवा लिया गया, लेकिन इसका फायदा कभी भी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नहीं हुआ। परिणामस्वरूप वर्ष 2019 में जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त होने के बाद और उसके बाद आई कोरोना लहर में बजट इमारत में अर्धसैनिक बलों के ठहरने की व्यवस्था कर दी गई थी। वर्ष 2021 में ट्रैवलर्स मार्ट की तैयार इमारत में जिला विकास परिषद का कार्यालय स्थापित कर दिया गया। इस कारण दोनों इमारतें खंडहर हो गईं।
पर्यटन विभाग जिला स्तर पर पर्यटकों की सुविधा के लिए बनी इमारतों को संबंधित विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को सौंप देता है। इसके बाद उस इमारत की देखभाल और उसका इस्तेमाल करने की जिम्मेदारी संबंधित विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की होती है। जो इमारत जिस उद्देश्य के लिए बनाई गई है, उसका इस्तेमाल भी उसी उद्देश्य से होना चाहिए। -विकास गुप्ता, निदेशक, पर्यटन, जम्मू।
लखनपुर स्थित पर्यटन विभाग की खस्ताहाल इमारत।