आरोपी की जमानत और व्यक्तिगत बांड दोनों को निरस्त करने का आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने लापरवाही से वाहन चलाने से हुई दुर्घटना मामले में आरोपी को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है। आदेश के अनुसार रिकॉर्ड में ऐसी कोई सामग्री उपलब्ध नहीं है। इससे साबित होता हो कि दुर्घटना आरोपी की ओर से की गई लापरवाही और जल्दबाजी के कारण हुई हो। लिहाजा मामले में चालान को ही खारिज कर दिया गया और आरोपी को मामले से बरी करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा कोर्ट ने आरोपी की जमानत और व्यक्तिगत बांड दोनों को ही निरस्त कर इसे बरी करने का आदेश दिया है।
पुलिस की ओर से कोर्ट में दायर रिपोर्ट के अनुसार आरोपी ममता देवी निवासी सहार कठुआ पर आरोप था कि गत वर्ष उसने लापरवाही और तेज गति से वाहन चलाते हुए एक महिला को घायल कर दिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएसएन की धारा 281/125(बी) के तहत मामला दर्ज आगे की कार्रवाई की गई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुना। इसमें अभियोजन पक्ष ने कहा कि मामले के संबंधित एफआईआर के अनुसार दुर्घटना आरोपी ममता देवी की ओर से तेज और लापरवाही से गाड़ी चलाने के कारण हुई। इसका आरोपी के वकील ने विरोध किया। उन्होंने कहा कि जांच अधिकारी की ओर से दायर चार्जशीट में ऐसे कोई भी सबूत नहीं है कि उसका मुव्वकिल लापरवाही से वाहन को चला रहा था। इसके अलावा कोर्ट ने माना कि अभियोजन पक्ष की ओर से दोनों चश्मदीद गवाहों के बयानों से साबित नहीं होता है कि दुर्घटना आरोपी की लापरवाही से हुई थी। पहला गवाह पीड़िता का पति है, उसे घटना के बारे में टेलीफोन पर सूचना मिली थी। वहीं, अन्य गवाह ने संबंधित घटना को होते हुए नहीं देखा था। इसके बाद कोर्ट ने आरोपी को चालान को खारिज कर उसे बरी करने का फैसला सुनाया है।