हीरानगर। पहाड़ी इलाके में बरसात की पहली बारिश के बाद ही तरनाह नाले ने एक बार फिर डराना शुरू कर दिया है। यहां बाढ़ जैसे हालात बनने शुरू हो गए हैं।
लोगों को इस नाले पर बने हाईवे के पुल के नुकसान का डर भी फिर से सताने लगा है। पिछले साल इसी महीने में नाले में बाढ़ के कारण 19 जुलाई को हाईवे का पुल धंस गया था। यहां सड़क विस्तारीकरण और एक्सप्रेस वे का निर्माण कार्य कर रही कंपनियों ने इस नाले का पूरा रुख एक किनारे की तरफ कर दिया है। इसकी वजह से पिछले साल पुल को नुकसान हुआ और अब नए पुल को भी उसी जगह पर खतरा बना हुआ है क्योंकि 26 पिल्लरों के नीचे से गुजरने वाले पानी को तीन से चार पिलर के नीचे से मोड़ा गया है। इससे पानी का बहाव और तेज हो जाता है और यही तेज बहाव पिछले साल पुल के नुकसान का कारण बना था। अही तक समय रहते न तो पानी का रुख मोड़ा गया और न ही नए पुल की सुरक्षा के लिए कोई सुरक्षा दीवार बनाई गई। नए पुल के नजदीक पुराने पुल की मरम्मत के लिए खोदे गए 25 से 30 फिट गहरे गड्ढों में भी पानी भर गया है। इसके चलते अब यहां बरसात से पहले कोई भी काम करना संभव नहीं होगा। लगातार स्थानीय लोग भी बरसात से पहले पुल की सुरक्षा दीवार बनाने की मांग कर रहे थे। बता दें कि पिछले साल भी स्थानीय लोगों ने यहां काम कर रही कंपनियों को पूरे नाले का पानी एक तरफ मोड़ने से पुल के नुकसान का अंदेशा जताया था लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी और वही हुआ जिसका अंदेशा जताया था।