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इंटरनेंट की सपीड 2जी से भी कम, बच्चों तक नही पहुंच रही पाठय सामग्री

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बसोहली ।लॉक डाउन के बीच 4G इंटरनेट सेवा बहाल न होने के कारण निजी व सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। शिक्षक बच्चों को शिक्षा की सामग्री व्हाट्सएप के जरिए भेज रहे हैं, मगर स्पीड कम होने के कारण वह सामग्री बचचो तक नहीं पहुंच पा रही है।इतना ही नहीं शिक्षक बच्चों के साथ वीडियो कॉलिंग से बात तक नहीं कर पा रही हैं, ऐसे में व्हाट्सएप ही सिर्फ एक ऐसा जरिया है जिसके जरिए नोट्स एवं असाइनमेंट और उनकी फोटोस वीडियो आदि भेजी जाती है।मगर 2G स्पीड कम होने के कारण वीडियो तक सेंड नहीं हो पा रही है ऐसे में स्कूल के शिक्षकों प्रबंधकों विद्यार्थियों ने मांग की है कि 4G इंटरनेट सेवा को शीघ्र बहाल किया जाए। प्रदेश में बीते 8 माह से 4G इंटरनेट सेवा बंद है जिसके कारण यहां आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, वही ऑनलाइन कक्षाएं शुरू होने के बाद अब विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है, मौजूदा समय में जो 2जी इंटरनेट चल रहा है उसकी स्पीड 50 केबीपीएस तक है। जिसमें फोटोस वह वीडियोस तक डाउनलोड अपलोड करना मुश्किल हो गया है स्पीड इतनी कम है कि फोटो के अलावा वीडियोस तक अपलोड या सेंड नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में शिक्षकों को व्हाट्सएप के जरिए बच्चों तक शिक्षा की सामग्री पहुंचाने में दिक्कत आ रही है। लॉक डाउन के चलते बंद हुए स्कूलों के बच्चों के लिए शिक्षा विभाग में ऑनलाइन कक्षाएं तो शुरू कर दी है। लेकिन इसमें सबसे जरूरी पहलू यह है कि कुछ सरकारी व निजी स्कूलों के बह बच्चे जो गरीबी रेखा से नीचे हैं, जिनके पास स्मार्टफोन तक नहीं है उनके लिए दिक्कतें सबसे ज्यादा है। शिक्षक रोज व्हाट्सएप ग्रुप में असाइनमेंट नोट्स, पाठय सामग्री आदि डाल रहे हैं ,लेकिन स्पीड कम होने की बजह से पाठय सामग्री सभी विद्यार्थियों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। उपजिला बसोहली के कुछ पहाड़ी इलाके ऐसे हैं यहां नेटवर्क शून्य के बराबर हैं, वहां भी बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के लोगों, विधारथियो के अभिभावको ने ऑनलाइन शिक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाते हुए यह 4G इंटरनेट सेवा बहाल करने की मांग की है ताकि विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई करने में परेशानियों का सामना ना करना पड़े।
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