हीरानगर। कंडी क्षेत्र के गांव कूटा की प्राची शर्मा ने राष्ट्रीय फुटबाल चैंपियनशिप 2024-25 में जम्मू-कश्मीर की जूनियर गर्ल्स टीम के लिए पहला गोल दागा। यह मुकाबला 31 जुलाई को चंडीगढ़ फुटबाल एसोसिएशन के साथ खेला गया। हालांकि इस मैच में जम्मू-कश्मीर की टीम को हार का सामना करना पड़ा।
एक अगस्त को अंडमान निकोबार के खिलाफ टीम ने जीत दर्ज की। कर्नाटक के बेलगाम में 26 जुलाई से चल रही राष्ट्रीय फुटबाल चैंपियनशिप में प्राची का यह गोल टीम के लिए एक निर्णायक क्षण साबित हुआ और उन्होंने अपनी टीम को 8-0 की शानदार जीत की ओर अग्रसर किया। प्राची शर्मा ने केवल टीम की जीत का मार्ग प्रशस्त नहीं किया, बल्कि वह जम्मू-कश्मीर के लिए राष्ट्रीय स्तर पर स्कोर करने वाली पहली खिलाड़ी बन गईं। उनके इस गोल ने मैच का रुख बदल दिया और पूरे खेल में टीम का मनोबल ऊंचा रखा। यह उपलब्धि प्राची, उनके परिवार व गांव को गौरवान्वित करने वाली है क्योंकि उसने अपने पहले ही राष्ट्रीय टूर्नामेंट में चमक बिखेर दी है।
प्राची के अलावा, मनीषा ने दो गोल, कबरी शर्मा ने एक गोल, जैनब बिलाल ने एक गोल और अतीरा ने दो गोल किए। इससे टीम की जीत सुनिश्चित हुई लेकिन प्राची का पहला गोल इस मैच का मुख्य आकर्षण रहा, जिसने उन्हें खास पहचान दिलाई। यह पहला गोल न केवल इस मैच का टर्निंग पॉइंट था, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण संदेश भी था कि जम्मू-कश्मीर की लड़कियां भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं।
कूटा क्लब के कोच रोहित शर्मा ने प्राची शर्मा को इस खेल के लिए तैयार किया। इस उपलब्धि पर गर्व जताते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल एक गोल नहीं था, बल्कि उस मेहनत, संघर्ष और समर्पण का प्रतीक था, जो उन्होंने अपनी यात्रा में दिखाया। इस उपलब्धि से भविष्य की पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी और राज्य में महिला फुटबाल को और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा।
उन्होंने कहा कि प्राची शर्मा की यह उपलब्धि न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे राज्य के लिए गर्व का क्षण है। उनके इस गोल ने राष्ट्रीय फुटबाल चैंपियनशिप के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा है और जम्मू-कश्मीर की खेल प्रतिभा को राष्ट्रीय मंच पर उजागर किया है।