कठुआ। मुखर्जी चौक में मिडल स्कूल की जमीन पर रेहड़ी मार्केट बनाने के प्रशासन के दावे हवा हवाई साबित हुए हैं। 10 दिन में मार्केट तैयार करने के दावे करने वाले उक्त जमीन पर एक ईंट तक नहीं लगा पाए। इसके चलते एक-एक कर सभी रेहड़ी चालक अपने पुराने अड्डों पर पहुंच गए हैं।
बता दें कि नगर परिषद के अधिकारी अधिकारी और उपायुक्त ने उक्त घोषणा तब की थी, जब रेहड़ी चालकों और प्रशासन में तकरार संघर्ष में बदल गई थी। तब डीसी ने कहा था कि वह मिडल स्कूल की उक्त जमीन को 10 दिन में रेहड़ी मार्केट में तब्दील कर देंगे। पुरानी जर्जर इमारत को गिराकर जमीन समतल करवा दी जाएगी लेकिन, 24 दिन बीत जाने के बावजूद काम शुरू नहीं हो पाया। इसके कारण रेहड़ी फड़ी वाले अपने पुराने अड्डों पर चले गए और बाजारों के हालात जस के तस बन चुके हैं। वहीं, मिडल स्कूल की ग्राउंड कार पार्किंग में बदल चुकी है।
सुविधाओं के अभाव में बाजारों में रेहड़ियां लगाना मजबूरी
नगर परिषद ने इससे पहले ओल्ड सब्जी मंडी को स्मार्ट वेंडिंग जोन बनाने की बात कही थी। इसके लिए बाकायदा रेहड़ी चालकों की रजिस्ट्रेशन की गई और सरकारी फीस भी जमा करवाई गई लेकिन सुविधा कोई नहीं दी गई। पुरानी सब्जी मंडी और मिडल स्कूल की जमीन पर बिजली, पानी या छत का कोई प्रबंध नहीं है। रेहड़ी चालकों ने जिला उपायुक्त के समक्ष उक्त मुद्दा रखा। आश्वासन मिला पर कोई काम शुरू नहीं हो पाया। इसके चलते रेहड़ी चालकों के पास बाजारों में रेहड़ियां लगाने के अलावा कोई चारा नहीं है।
15 दिन चली थी तकरार, रेहड़ी चालकों ने सराहा था फैसला
शहर को रेहड़ी मुक्त बनाने के मकसद से जिला प्रशासन ने 15 दिन तक शहर में अभियान चलाया। इसके बाद खूब बवाल हुआ और आखिरकार दोनों पक्षों में सहमति बनी कि मिडल स्कूल की जमीन पर रेहड़ी मार्केट बनाई जाएगी ताकि मुखर्जी चौक और मेन बाजार में लगने वाली रेहड़ियों को वहां शिफ्ट किया जा सके। इसमें एक पुरानी इमारत को गिराया जाना था। प्रशासन का दावा था कि उक्त रेहड़ी मार्केट में पीने के पानी, बिजली सहित अन्य सुविधाएं होंगी। इसके साथ ही जिला उपायुक्त ने कहा था कि आज के बाद बाजार में कोई रेहड़ी नहीं लगने दी जाएगी।
-मुखर्जी चौक स्थित मिडल स्कूल के ग्राउंड में रेहड़ी मार्केट बनाने का टेंडर जल्द जारी हो जाएगा। इसके बाद मुखर्जी चौक और मेन बाजार की सभी रेहड़ियों को वहां शिफ्ट किया जाएगा। रेहड़ी मार्केट का काम पूरा होने तक जिला प्रशासन ने रेहड़ी चालकों को ढील दी है। इसके चलते बाजारों में रेहड़ियां लग रही हैं।
-जोध राज, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद