कठुआ। पंडोरी खड्ड से खनन को लेकर चलने वाले टिप्परों और डंपरों को नगरी कस्बे के लोगों ने अपनी सुरक्षा के लिए खतरा बताया है। सोमवार को डीसी कार्यालय पहुंचे स्थानीय लोगों ने खनन को लेकर कस्बे के बीचोंबीच से गुजरने वाले भारी भरकम टिप्परों को लोगों ने जिला प्रशासन से नियंत्रित किए जाने की मांग की है। उन्होंने डीसी राकेश मिन्हास से टिप्परों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए स्पीड ब्रेकरों का प्रावधान किए जाने के साथ-साथ स्कूल टाइम में टिप्परों और डंपरों की आवाजाही को पूरी तरह से बंद किए जाने की मांग की है।
डीसी कार्यालय पहुंचे लोगों ने शामिल अर्पण वर्मा ने कहा कि पिछले करीब डेढ़ साल से पंडोरी खड्ड में तेजी से जारी खनन के बाद वहां से निकाला जाने वाला खनिज देश के अन्य राज्यों में भेजा जा रहा है। इसके लिए इस्तेमाल होने वाले भारी-भरकम व्यवसायिक वाहनों को कस्बे की उस सड़क से निकाला जा रहा है। जो ऐसे वाहनों के लिए अनुकूल नहीं है। कस्बे के भीड़भाड़ वाले स्थानों से निकलने वाले इन वाहनों के कारण कस्बे की सड़क असुरक्षित हो चुकी है। लिहाजा फौरी तौर पर इस तरह के वाहनों की कस्बे से आवाजाही को रोका जाए। इस मौके पर डॉ. मधुसूदन ने कहा कि पंडाेरी खड्ड से निकलने वाले ऐसे भारी वाहन कस्बे में बत्ती मोड़ से लेकर उपजिला अस्पताल नगरी तक जिस मार्ग पर चलते हैं, वह कस्बे का काफी व्यस्त रहने वाला क्षेत्र है और इस पर ही कुछ दिनों पूर्व एक महिला शिक्षिका की ऐसे ही वाहन की चपेट में आने से मौत भी हो चुकी है। वहीं इसी सड़क के साथ कस्बे के प्राइमरी से लेकर हायर सेकेंडरी स्तर के पांच स्कूल भी पड़ते हैं। वहां इन वाहनों के कारण कभी कोई गंभीर दुर्घटना हो सकती है।
इस मौके पर वरिष्ठ कांग्रेसी नेता तरसेम सैनी ने कस्बे से गुजरने वाले इन वाहनों को स्थानीय दुकानदारों, निवासियों और विशेष रूप से बच्चों की सुरक्षा को बड़ा खतरा बताया। उन्होंने प्रशासन को सुझाव दिया कि मार्ग पर जगह-जगह स्पीड ब्रेकरों का निर्माण करवाने के साथ स्कूल टाइम में इन वाहनों की आवाजाही को फौरी तौर पर प्रतिबंधित किया जाए। डीसी ने आश्वासन दिया है कि वह जल्द इसके लिए कोई व्यवस्था बनाएंगे। अगर कस्बे के लोगों की सुरक्षा के खतरा बन रहे टिप्परों को नियंत्रित करने के लिए कदम नहीं उठाया गया तो वे अगली रणनीति पर विचार करेंगे।