कठुआ/हीरानगर। जिले के पहाड़ी इलाकों में सोमवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश से उज्ज में अचानक बाढ़ आ गई। गुज्जर बस्ती के पास दरिया के तेज वेग में 12 लोग दो टापुओं के बीच फंस गए। इनकी जान बचाने के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया दल (एसडीआरएफ) को बुलाना पड़ा। एसडीआरएफ के जवानों ने उफनते दरिया में जान की बाजी लगा इन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। तीन घंटे तक चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन में पुलिस टीम ने भी पूरा सहयोग किया। ये लोग सुबह पशुओं को चराने और लड़की इकट्ठा करने दरिया में गए थे। अचानक जलस्तर बढ़ने से इन्हें किनारे तक पहुंचने का मौका तक नहीं मिला। दोपहर तीन बजे तक उज्ज का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर 83,834 क्यूसेक पहुंच गया था, लेकिन एसडीआरएफ के जवानों ने उफनते दरिया में बोट की मदद से उतरकर इन लोगों की जिंदगियां बचा लीं।
जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे से सटी गुज्जर बस्ती के पास सोमवार सुबह पशु चराने गए गुज्जर समुदाय के सात लोग और इससे कुछ दूरी पर लकड़ी इकट्ठा करने गई चार महिलाएं और एक अन्य व्यक्ति बाढ़ में फंस गए। जलस्तर बढ़ने पर ये लोग दरिया के बीच बने टापुओं में रुके रहे। जैसे-जैसे जलस्तर बढ़ा हालात और बिगड़ने लगे। दोपहर तीन बजे तक उज्ज का पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया। लोगों के फंसे होने की जानकारी मिलते ही पुलिस टीमें मौके पर पहुंच गईं। पानी का बहाव अधिक होने के कारण एसडीआरएफ को बुलाना पड़ा। टीम के जवानों ने रेस्क्यू बोट को दरिया के दूसरे छोर तक पहुंचाया, जिसके लिए टीम के जवानों ने उफनते दरिया को पार किया। तीन घंटे तक इन लोगों की जान सांसत में फंसी रही। मदद पहुंचने के साथ ही इन लोगों की जान में जान आ गई। रेस्क्यू बोट की मदद से अलग-अलग चलाए गए दो अभियानों में सभी 12 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया।
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40 से ज्यादा मवेशी अब भी
फंसे, नदी में न उतरें लोग
हालांकि 40 से ज्यादा मवेशी देर शाम तक दरिया में फंसे रहे। जलस्तर कम होने पर ही पशुपालक इन्हें दरिया से बाहर ला पाएंगे। पुलिस ने लोगों को हिदायत दी है कि बरसात के मौसम को देखते हुए नदी-नालों के पास न जाएं। साथ ही पशुओं को भी दरिया में चरने के लिए न छोड़ें। जलस्तर कब बढ़ जाए, इसका कोई पता नहीं, इसलिए लोग एहतियात बरतें।
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तीन घंटे चले रेस्क्यू को
देखने पुल पर जुटी भीड़
करीब तीन घंटे तक चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन को देखने के लिए उज्ज पुल और दरिया के किनारों पर लोगों का जमावड़ा लगा रहा। यह पहला मौका नहीं है, जब उज्ज में आई बाढ़ में लोग फंसे हों। लगभग बरसात के हर मौसम में दरिया में अचानक आई बाढ़ में लोग फंस जाते हैं। स्टेट डिजास्टर रेस्क्यू फोर्स या फिर वायुसेना की मदद से ही लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जाता है।
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इन्हें किया गया रेस्क्यू
1 प्रिया देवी (22) पुत्री अशोक कुमार
2. शिवानी देवी (18) पुत्री पप्पू राम
3. कमलेश देवी (45) पत्नी पप्पू राम
4. वीना देवी (55) पत्नी रमेश चंद सभी निवासी शक्तिचक
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ये लोग नदी में पशु चराने गए थे
5. मस्किन अली (17) पुत्र रहम अली
6. आलम दीन (34) पुत्र आमिर दीन
7. शांबी (45) पत्नी लाल हुसैन
8. शमीम अख्तर (17) पुत्री लाल हुसैन
9. हसन (10) पुत्र तारिक
10. सुरमू (26) पुत्र मीर दीन
11. गूगा (28) पुत्री मीर दीन सभी निवासी गुज्जर बस्ती
12 शिव नंद सिंह (75) पुत्र जसवंत सिंह निवासी धाटी