कठुआ। वेस्ट पाकिस्तान रिफ्यूजी एक्शन कमेटी की ओर से रिफ्यूजियों की समस्याओं का समाधान तलाशने के लिए बैठक का आयोजन किया गया। शहर के ड्रीमलैंड पार्क में आयोजित बैठक के दौरान शरणार्थियों ने कमेटी के प्रधान लब्बा राम गांधी के समक्ष सरकार द्वारा घोषित पुनर्वास राशि वितरण के लिए निर्धारित मार्च महीने की समय सीमा खत्म होने पर चिंता जताई। वहीं, गांधी ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में डिजास्टर मैनजमेंट रिलीफ एंड रिहैबिटेशन के सचिव को पत्र लिखकर समय सीमा को बढ़ाने की मांग रखी है। इस मौके पर पत्रकारों से बात करते हुए गांधी ने बताया कि पाकिस्तान से विस्थापित होकर जम्मू कश्मीर में बसे उनके लोग पिछले 70 सालों से अपने हक के लिए लड़ाई लड़ रहे थे। इस पर केंद्र सरकार ने सभी शरणार्थी परिवारों के पुनर्वास के लिए आर्थिक सहायता देने को एलान किया था। वर्ष 2018 में घोषित सरकार के इस फैसले से जम्मू कश्मीर में रहने वाले 5764 शरणार्थी परिवारों में एक आस जगी थी लेकिन दस्तावेजों के अभाव में इन परिवारों को अब तक शत-प्रतिशत लाभ नहीं मिल पाया है। मौजूदा समय में 1626 परिवारों को ही सरकार द्वारा घोषित पुनर्वास राशि का वितरण हो पाया है। अब जबकि पुनर्वास राशि के वितरण के लिए सरकार द्वारा निर्धारित की गई समय सीमा खत्म हो रही है। ऐसे में लाभार्थी परिवारों में चिंता होना स्वाभाविक है लेकिन इसके लिए वह लगातार पत्राचार कर रहे हैं और उम्मीद है कि जल्द सरकार इस समय सीमा को आगे बढ़ा कर शरणार्थी परिवारों को पुर्नवास राशि का वितरण करवाएगी। इस मौके पर कमेटी के कठुआ प्रधान प्रेम सागर, नगरी प्रधान रूप लाल, सतपाल चलोत्रा, देस राज, शाम लाल आदि भी मौजूद रहे।