रामकोट। तहसील रामकोट के लाखड़ी में धार सड़क किनारे स्थित शनिदेव के मंदिर में भक्तों ने सावन माह के प्रथम शनिवार को शनि देव की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-शांति की कामना की। मंदिर के पुजारी ने बताया कि सप्ताह के सात दिन किसी न किसी देवता को समर्पित होते हैं। शनिवार का दिन मुख्य रूप से शनिदेव का माना गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनिदेव न्याय और कर्मफलदाता ग्रह है। यह सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं जिस कारण से इनका जातकों पर शुभ और अशुभ दोनों तरह का प्रभाव काफी दिनों तक रहता है। शनिदेव के नकारात्मक प्रभाव से जातक का जीवन बहुत ही दुखदायी हो जाता है। जिन लोगों के ऊपर शनि की साढ़ेसाती और शनि की ढैय्या चलती है उनको इसके प्रभाव को कम करने या फिर खत्म करने के लिए शनिवार के दिन विशेष उपाय किए जाते हैं। इससे दुर्भाग्य खत्म हो जाता है। संवाद