हीरानगर। शुक्रवार को हुई तेज बारिश की वजह से कुछ इलाकों में गेहूं की पक्की फसल को नुकसान होने के बाद से किसानों ने फसल की कटाई का काम तेज कर दिया है। सीमावर्ती इलाकों में गेहूं की फसल पककर तैयार है, जबकि कंडी इलाके में अभी किसानों को कटाई के लिए कुछ दिन और इंतजार करना पड़ेगा क्योंकि यहां अभी तक फसल पूरी तरह से पकी नहीं है। कटाई के लिए मजदूर और कंबाइन न मिलने से भी किसान परेशान हैं। मौसम विभाग की ओर से आने वाले दिनों में फिर से मौसम खराब होने की चेतावनी से किसानों की चिंता बढ़ रही है। इसे देखते हुए किसानों ने स्थानीय मजदूरों के साथ कटाई का काम शुरू किया है लेकिन कम समय में ज्यादा कटाई स्थानीय मजदूरों से संभव नहीं है। किसान नेता शिवदेव सिंह ने कहा कि शुक्रवार को हुई बारिश से सीमावर्ती इलाके के कुछ खेतों में फसल ढही है लेकिन फिर से इस तरह की बारिश हुई तो किसानों का बड़ा नुकसान हो सकता है, जबकि कंडी इलाके में बिना हवा के बारिश अभी भी फायदेमंद है क्योंकि इस इलाके में ज्यादातर फसल पकने की कगार पर है और उसके लिए बारिश फायदेमंद होगी। उन्होंने कहा कि जहां गेहूं की फसल पक चुकी है, वहां कुछ घंटे की बारिश और उसके साथ तेज हवा नुकसान कर सकती है। इसकी वजह से किसानों ने कटाई का काम शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि फसल की कटाई के लिए पर्याप्त मजदूर और कंबाइन न मिलने की वजह से भी कटाई में देरी हो सकती है और ऐसे में अगर एक-दो दिन में बारिश होती है तो किसानों को नुकसान झेलना पड़ेगा।