कठुआ। बेकार समझकर फेंक दी जाने वाली वस्तुओं को अगर रचनात्मक सोच के साथ इस्तेमाल किया जाए तो वही कबाड़ उपयोगी और आकर्षक वस्तु का रूप ले सकता है। इसी संदेश के साथ सोमवार को राजकीय हायर सेकेंडरी स्कूल कठुआ में सेवा पर्व के तहत जिला स्तरीय ‘कबाड़ से जुगाड़-कबाड़ से आर्ट’ गतिविधि करवाई गई। इस दौरान विद्यार्थियों ने बेकार और अनुपयोगी सामग्री से तैयार किए गए विभिन्न रचनात्मक एवं उपयोगी सामानों की प्रदर्शनी लगाई। प्रदर्शनी में छात्राओं की कल्पनाशीलता और हुनर देखने को मिला। गतिविधि के माध्यम से वेस्ट इज वेल्थ का संदेश देते हुए कम उपयोग, पुन: उपयोग के महत्व को भी सामने रखा गया। मुख्य शिक्षा अधिकारी केवल कृष्ण ने बतौर मुख्य अतिथि प्रदर्शनी का दौरा किया और छात्राओं द्वारा तैयार किए गए मॉडलों एवं कलात्मक वस्तुओं का अवलोकन किया। उन्होंने छात्राओं की रचनात्मकता, मेहनत और उत्साह की सराहना की। सीईओ ने कहा कि बेकार सामग्री को सिर्फ कचरा समझने के बजाय उसे रचनात्मक तरीके से उपयोगी वस्तुओं में बदलने की सोच पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ बच्चों की कल्पनाशक्ति को भी बढ़ावा देती है। संवाद