केंद्र सरकार द्वारा गहनों की खरीद पर एक्साइज ड्यूटी के विरोध में स्वर्णकारों की हड़ताल का असर दुकान पर काम करने वाले कारीगरों पर पड़ने लगा है। इसके विरोध में शुक्रवार को जिला कठुआ की विभिन्न दुकानों पर काम करने वाले कारीगरों ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकेे मालिक उन्हें वापस जाने के लिए बोल रहे हैं। ऐसे में उनके रोजगार पर ताला लग गया है। प्रदर्शनकारियों में शामिल सुमन कुमार ने कहा कि वे पश्चिम बंगाल से आए हैं और पिछले 11 वर्ष से यह काम कर रह हैं।
अब केंद्र सरकार द्वारा बढ़ाए गए कर के विरोध में स्वर्णकारों ने दुकानें बंद कर दी हैं। इतना ही नहीं मालिक उन्हें वापस जाने के लिए भी बोल रहे हैं। पिछले 11 दिनों से उन्हें भोजन के लिए मालिकों ने पैसे तो दिए, लेकिन अब इसके लिए भी वे मना कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मालिकों की बात भी सही है उन्हें जब दुकान से पैसा नहीं मिलेगा तो वह कारीगरों को कहां से देंगे। संजय कुमार, अली, मनोज कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार के कारण ही आज उनके रोजगार पर संकट आया है।
दुकानों पर ताले लटकने के साथ ही उनके रोजगार पर भी ताला लग गया है। उन्होंने कहा कि मालिक तो वापस जाने के लिए कह रहे हैं, लेकिन वह वह काम कहां करेंगे। पूरे देश के स्वर्णकार हड़ताल पर हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण उनके जैसे छोटे कारीगरों को नुकसान झेलना पड़ रहा है। लेकिन केंद्र सरकार को यह नहीं दिख रहा। उन्होंने कहा कि टैक्स के नाम पर नेता अपनी जेबें भरने के चक्कर में हैं। कारीगरों ने कहा कि केंद्र सरकार को फैसला वापस लेना होगा।